दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पूर्व सीएम राबड़ी देवी, बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, और तेज प्रताप यादव के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है. 

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इस मामले में तेज प्रताप के वकील ने अहम जानकारी दी है. जनता जनशक्ति जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव के लैंड-फॉर-जॉब मामले में सुनवाई के लिए राउज़ एवेन्यू कोर्ट में पेश होने के बाद, वकील हिमांशु शर्मा ने कहा, 'हम कोर्ट के आदेश की कॉपी लेंगे और उसका ठीक से अध्ययन करेंगे. उसके बाद, हम आपको उन सभी कामों के बारे में बताएंगे जो किए जाएंगे और कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पूरी जानकारी देंगे.'

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एडवोकेट अजाज अहमद ने कहा 'CBI कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, मीसा भारती, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव और हेमा यादव के खिलाफ धारा 420, 120B और 13 IPC के तहत आरोप तय किए हैं. औपचारिक आरोप 29 जनवरी को तय किए जाएंगे.'

लालू यादव और परिवार पर क्या हैं आरोप?

 आरोप है कि मध्यप्रदेश के जबलपुर में स्थित इंडियन रेलवे के वेस्ट सेंट्रल जोन में ग्रुप-डी कैटेगरी में भर्तियां लालू यादव के रेल मंत्री रहते 2004 से 2009 के बीच की गईं. इसके बदले में भर्ती होने वाले लोगों ने राजद प्रमुख के परिवार के सदस्यों या सहयोगियों के नाम पर जमीन के टुकड़े तोहफ़े में दिए या हस्तांतरित किये. सीबीआई ने यह भी दावा किया कि ये नियुक्तियां नियमों का उल्लंघन करके की गईं और इन लेन-देन में बेनामी संपत्तियां शामिल थीं, जो आपराधिक कदाचार और साजिश के बराबर है. आरोपियों ने आरोपों से इनकार किया है और दावा किया है कि यह मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित है. 

इससे पहले की एक सुनवाई में सीबीआई ने मामले में आरोपी व्यक्तियों की स्थिति के बारे में एक सत्यापन रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें कहा गया था कि उसकी चार्जशीट में नामजद 103 आरोपियों में से पांच की मौत हो गई है।