बिहार के किशनगंज में डायल 112 में तैनात एक सिपाही की गोली लगने से मौत हो गई. सिपाही ने सदर थाना परिसर स्थित बैरक में अपनी सर्विस पिस्टल से खुद को गोली मार ली. घटना रविवार सुबह की बताई जा रही है. गोली चलने की आवाज सुनते ही पुलिसकर्मियों के बीच अफरा-तफरी मच गई. घायल सिपाही को तत्काल सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

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मृतक सिपाही की पहचान भागलपुर जिला निवासी समीर कुमार के रूप में हुई है. वह किशनगंज में डायल 112 में तैनात था. सुबह बैरक में गोली चलने की आवाज सुनकर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे. इसके बाद घायल सिपाही को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी.

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पत्नी या परिजन से फोन पर बात करने की जानकारी

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि घटना से ठीक पहले समीर कुमार फोन पर अपनी पत्नी या किसी परिजन से बात कर रहा था. हालांकि, बातचीत के दौरान क्या हुआ और सिपाही ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है. आत्महत्या के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है.

एसपी संतोष कुमार अस्पताल पहुंचे

घटना की सूचना मिलते ही किशनगंज के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सदर अस्पताल पहुंचे. उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली. एसपी के मुताबिक, प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है. हालांकि, घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है.

एफएसएल टीम करेगी जांच, परिजनों को दी गई सूचना

पुलिस ने मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को बुलाया है. शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. मृतक के परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जाएगा. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सिपाही की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या वजह थी.

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