केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने INDIA गठबंधन और कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन की हमेशा से अनुमति रही है. हालांकि, प्रदर्शन की आड़ में अराजकता फैलाने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान करना भी जरूरी है. उन्होंने आरोप लगाया कि हालिया प्रदर्शन के जरिए देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश की गई, जिसे केंद्र सरकार ने नियंत्रित किया.
चिराग पासवान ने कहा कि आंदोलन ने समय-समय पर देश को दिशा देने और नए युवा चेहरों को आगे आने का अवसर देने का काम किया है. उनके पिता भी छात्र आंदोलन से निकले थे. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और प्रदर्शन की जगह है, लेकिन इसका इस्तेमाल अराजकता फैलाने के लिए नहीं होना चाहिए.
यह भी पढ़ें- बिहार में खुलेंगे संस्कृत विद्यापीठ, AI-रोबोटिक्स की पढ़ाई; 6 से 8 के लिए कंप्यूटर शिक्षा जरूरी
कांग्रेस पर दिल्ली के लोगों को परेशान करने का आरोप
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने तीन दिन से दिल्ली के लोगों को परेशानी में डाल रखा है. उन्होंने CJP पर भी युवाओं को अराजकता की ओर ले जाने का आरोप लगाया. चिराग के मुताबिक, प्रदर्शन का उद्देश्य अगर अव्यवस्था पैदा करना हो तो ऐसे तत्वों को चिह्नित करना जरूरी है.
पुलिस की कार्रवाई पर क्या बोले चिराग?
प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से कथित मारपीट के सवाल पर चिराग पासवान ने कहा कि वह हिंसा के पक्ष में नहीं हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने ऐसा फैसला लिया होगा. उनके बयान में पुलिस की कार्रवाई को लेकर समर्थन और हिंसा के विरोध, दोनों बातें सामने आईं.
इस्तीफा हर समस्या का समाधान नहीं: चिराग
बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष की ओर से इस्तीफे की मांग पर चिराग पासवान ने कहा कि इस्तीफा हर समस्या का समाधान नहीं है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने हर मुद्दे पर आवाज उठाई है और वह पहरेदार की भूमिका निभाती है. चिराग के मुताबिक, व्यवस्था में रहते हुए उसमें सुधार करने की कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने अंत में कहा कि भारत में लोकतंत्र कभी खत्म नहीं हो सकता.
यह भी पढ़ें- बिहार में 5 IPS समेत 6 अधिकारियों का तबादला, रत्न संजय को मिली कानून व्यवस्था की कमान
