बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा चुनाव में जीत मिली है. अब वे बिहार से मुख्यमंत्री का पद छोड़कर आगे की राजनीति के लिए राज्यसभा जाएंगे. इस बीच अब जब वे दिल्ली जा रहे हैं तो जेडीयू के वरिष्ठ नेता रहे केसी त्यागी का साथ उन्हें नहीं मिलेगा. केसी त्यागी ने खुद को पार्टी से अलग करने का फैसला कर लिया है.

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केसी त्यागी ने मंगलवार (17 मार्च, 2026) को इस संबंध में पत्र लिखते हुए सार्वजनिक तौर से जानकारी दी है. बता दें कि वे जनता दल (यूनाइटेड) यानी JD(U) के वरिष्ठ नेता रहे हैं. लंबे समय से जेडीयू से दूरी बनाए हुए थे. उनके बयानों को पार्टी अहमियत नहीं दे रही थी. हालांकि अब तक आधिकारिक रूप से उन्होंने पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया था. अब केसी त्यागी ने जानकारी दी है कि उनकी जेडीयू की सदस्यता समाप्त हो गई है और उन्होंने अपनी सदस्यता का नवीनीकरण नहीं कराया है.

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आगे की रणनीति के बारे में भी उन्होंने पत्र में जिक्र किया है. बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि 22 मार्च (2026) को नई दिल्ली स्थित मावलंकर हॉल में समान विचारधारा वाले लोगों की एक बैठक होगी. इसमें देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा होगी. इसके बाद आगे की दिशा तय होगी.

मजबूती से रखते थे पार्टी का पक्ष

गौरतलब हो कि जेडीयू का सदस्यता अभियान हाल ही में खत्म हुआ है. पार्टी से जुड़े नेताओं-कार्यकर्ताओं ने सदस्यता का नवीनीकरण कराया लेकिन केसी त्यागी ने दूरी बना ली. केसी त्यागी जेडीयू के ना सिर्फ पुराने नेता रहे हैं बल्कि दिल्ली में रहकर मजबूती से अपनी पार्टी का पक्ष रखा करते थे. पार्टी से उनका जाना जेडीयू के लिए किसी झटके से कम नहीं है. पत्र में केसी त्यागी ने एक और बात साफ की है कि नीतीश कुमार के प्रति जो उनका सम्मान था वो कभी नहीं बदलेगा.

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