बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. लंबे समय तक मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने वाले नीतीश कुमार अब दिल्ली की राजनीति की ओर कदम बढ़ा रहे हैं. उनके राज्यसभा जाने की तस्वीर साफ हो चुकी है, जिससे यह तय है कि उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना होगा. इस बदलाव के साथ उनकी सैलरी, सुविधाएं और जिम्मेदारियां भी बदल जाएंगी.

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सांसद बनने पर क्या मिलेगी सैलरी और सुविधाएं?

राज्यसभा या लोकसभा के सांसदों को हर महीने करीब 1.24 लाख से 1.25 लाख रुपये तक मूल वेतन मिलता है. इसके अलावा कई तरह के भत्ते दिए जाते हैं, जिससे कुल आय और बढ़ जाती है.

सांसदों को संसद सत्र के दौरान प्रतिदिन 2500 रुपये का भत्ता मिलता है. वहीं हर महीने 75 हजार रुपये कार्यालय खर्च, 50 हजार रुपये स्टाफ वेतन और 25 हजार रुपये स्टेशनरी के लिए दिए जाते हैं.

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सुविधाओं की बात करें तो दिल्ली में सरकारी आवास मिलता है. इसके अलावा हर साल 34 मुफ्त हवाई यात्राएं, फर्स्ट क्लास रेल यात्रा और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं भी मिलती हैं. बिजली-पानी भी तय सीमा तक मुफ्त रहता है. यानी सांसद बनने के बाद भी सुविधाओं की कोई कमी नहीं होती.

मुख्यमंत्री पद पर मिलती हैं सुविधाएं

अगर मुख्यमंत्री पद की बात करें तो नीतीश कुमार को हर महीने करीब 2 लाख रुपये से ज्यादा सैलरी मिलती रही है. इसके साथ कई हाई-प्रोफाइल सुविधाएं जुड़ी होती हैं. मुख्यमंत्री को सरकारी बंगला, लग्जरी गाड़ियां, कड़ी सुरक्षा, मुफ्त यात्रा और पूरा मेडिकल कवरेज मिलता है.

इसके अलावा निजी स्टाफ और प्रशासनिक सहयोग भी भरपूर मिलता है, जिससे कामकाज आसान हो जाता है. सीधी तुलना करें तो सैलरी और सुविधाओं के मामले में मुख्यमंत्री का पद सांसद से ज्यादा ताकतवर और फायदेमंद माना जाता है.

सैलरी कम, लेकिन प्रभाव और दायरा बड़ा

हालांकि सांसद बनने के बाद सैलरी थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन राजनीतिक प्रभाव का दायरा बढ़ जाता है. दिल्ली की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और प्रभाव दोनों मजबूत होते हैं. राज्यसभा सदस्य के तौर पर नीतिगत फैसलों और देश के बड़े मुद्दों पर भागीदारी का मौका मिलता है, जो किसी भी नेता के लिए अहम माना जाता है.

बदलती राजनीति का नया संकेत

नीतीश कुमार का यह कदम सिर्फ पद परिवर्तन नहीं, बल्कि एक बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत भी माना जा रहा है. बिहार की राजनीति से निकलकर अब वे राष्ट्रीय स्तर पर नई भूमिका में नजर आएंगे. आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि दिल्ली की राजनीति में उनकी नई पारी कितनी प्रभावी साबित होती है.