जवाहर लाल नेहरू (जेएनयू) विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ लगाए गए नारे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है. मंगलवार को जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने ऐसे नारों की कड़ी निंदा की. उन्होंने नारे लगाने वाले लोगों को नासमझ बताया और प्रधानमंत्री पद की गरिमा बनाए रखने की अपील की.

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जेजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री के खिलाफ जो प्रदर्शन कर रहे हैं, वे लोग नासमझ हैं. उन्हें समझ नहीं है. प्रधानमंत्री के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए. इस पद की अपनी एक गरिमा है. इसी कारण उनके लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए."

JNU में लगे नारों को लेकर क्या बोले तेज प्रताप यादव?

तेज प्रताप यादव ने कहा, "ऐसे छात्र, जो नासमझ हैं और जेएनयू का हवाला दे रहे हैं और ऐसी निम्न स्तर की भाषा शैली का प्रयोग कर रहे हैं, वो गलत हैं. ऐसी भाषा शैली का प्रयोग नहीं करना चाहिए. युवा और नौजवान देश के भविष्य होते हैं. इस मामले में जो कार्रवाई चल रही है, उसे सरकार देख रही है."

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दरअसल, सोमवार (5 जनवरी) को जेएनयू परिसर में कई लेफ्ट-विंग छात्र संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विरोध में नारे लगाए थे. यह कार्यक्रम जनवरी 2020 में हुए उस हमले की छठी बरसी पर रखा गया था, जिसमें नकाबपोश लोगों ने जेएनयू के छात्रों और शिक्षकों पर हमला किया था.

नेपाल सीमा विवाद पर दी यह प्रतिक्रिया

तेज प्रताप पड़ोसी देश नेपाल में हुए हालिया विवाद पर बयान देने से बचते नजर आए. उन्होंने कहा, "यह नेपाल का मामला है, जिसे नेपाल की सरकार देखेगी. इस मामले में मैं कुछ नहीं बोल सकता." वह भाजपा नेता नवनीत राणा और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले हालिया बयान से भी किनारा करते नजर आए.

तेज प्रताप ने पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदू देवी-देवताओं की प्रतिमा के साथ तोड़-फोड़ करने की घटना की निंदा की. उन्होंने कहा, "जिसने भी ऐसा काम किया है, उसके ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. किसी भी धर्म के साथ छेड़-छाड़ नहीं करनी चाहिए, चाहे हिंदू हो या मुसलमान."