राहुल गांधी के 'गद्दार' वाले बयान का जमकर विरोध हो रहा है. एनडीए के नेता अपने-अपने अंदाज में जवाब दे रहे हैं. केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) गद्दार नहीं खुद्दार हैं. बीते बुधवार (20 मई, 2026) को मांझी ने राहुल गांधी के बयान के बाद एक्स पर पोस्ट किया.
अपने पोस्ट में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने लिखा है, "राहुल गांधी जी, हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी 'खुद्दार' हैं. 5 में से 4 राज्यों के चुनाव में बुरी तरह से हारने का ये मतलब नहीं कि आप अनाप शनाप भाषा का इस्तेमाल करेंगे राहुल गांधी जी! आपकी भाषा और बचकानी हरकत का नतीजा है कि कांग्रेस देश से विलुप्त हो रही है. जो खुद ना घर के ना घाट के है उनसे ऐसी ही अमर्यादित भाषा की उम्मीद कर सकते है. लोकतंत्र में इस तरह की भाषा का मैं कड़ी निंदा करता हूं."
संजय झा ने कहा- 'वे फिर भूल रहे हैं कि…'
जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा, "देश के माननीय प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को आपत्तिजनक शब्दों से संबोधित कर कांग्रेस के युवराज ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक हताशा और मानसिक दिवालियापन को उजागर किया है. ऐसे समय में, जब विश्व के प्रमुख देश आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के सक्षम नेतृत्व और भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का सम्मान कर रहे हैं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बौखलाहट चरम पर दिखाई दे रही है! वे फिर भूल रहे हैं कि देश की जनता अब नकारात्मक राजनीति और अपमान की भाषा को नहीं, बल्कि विकास, जनहित और मजबूत नेतृत्व को समर्थन दे रही है. यही नया भारत है."
यह भी पढ़ें- 'इटली की PM को प्रधानमंत्री मोदी ने दी मेलोडी टॉफी तो बोले पप्पू यादव, 'सर आपकी…'
बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, "कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा देश के यशस्वी और सर्वप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विरुद्ध की गई अभद्र टिप्पणी अत्यंत क्षोभजनक है, जो उनकी कुंठित मानसिकता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अनादर को प्रदर्शित करती है. बार-बार जनता द्वारा नकारे जाने और लगातार मिलती चुनावी पराजयों की बौखलाहट अब उनके बयानों में साफ छलकने लगी है."
उन्होंने आगे कहा, "दशकों तक देश को भ्रष्टाचार के दलदल में धकेलने वाले, राष्ट्रीय सुरक्षा की अनदेखी करने वाले और तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा देने वाले परिवार के वंशज आज किस नैतिक अधिकार से लोकतंत्र और राष्ट्रहित की दुहाई दे रहे हैं? यह देश अच्छी तरह जानता है."
दिलीप जायसवाल ने कहा कि राजनीतिक विमर्श के स्तर को इस कदर गिराना बेहद चिंताजनक है. राहुल गांधी को अपनी इस घोर अमर्यादित टिप्पणी के लिए अविलंब बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए.
यह भी पढ़ें- राहुल गांधी के 'गद्दार' वाले बयान पर चिराग पासवान की पहली प्रतिक्रिया, 'मैं और मेरी पार्टी…'
