आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने हाल ही में जेडीयू की विरासत को लेकर एक बयान दिया था. कहा था कि नीतीश कुमार ने फुर्सत ले ली है और बिहार में एक बड़ी जमात है जिसकी आकांक्षा है कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा को यह दायित्व संभालना चाहिए. इस पर जेडीयू की ओर से सोमवार (24 अगस्त, 2026) को जवाब में मंत्री श्रवण कुमार ने बड़ी बात कह दी.

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मंत्री श्रवण ने दो टूक में जवाब देते हुए कहा, "विरासत संभालने के लिए नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार आ गए हैं… दूसरे की यहां आवश्यकता क्या है? अगर जरूरत होती तो उन्हें आमंत्रित किया जाता. निशांत कुमार जी इस विरासत को संभाल रहे हैं, आगे बढ़ा रहे हैं, सब चीजों पर उनकी नजर है और हमारे वह नेता हैं."

'निशांत और दीपक प्रकाश में फर्क'

श्रवण कुमार ने उपेंद्र कुशवाहा पर हमला किया. कहा कि नीतीश कुमार ने उन्हें बहुत मौका दिया, लेकिन वह एक जगह खड़े नहीं रहे. वह पाला बदलते रहे. नीतीश कुमार को स्थायी वाले लोग चाहिए… जिस तरह से हम लोग स्थायी रूप से उनके साथ रहे हैं उसी तरह निशांत कुमार चट्टान की तरह नीतीश कुमार के कामों को आगे बढ़ाने में लगे हुए हैं. वह (उपेंद्र कुशवाहा) कह रहे हैं कि दीपक प्रकाश और निशांत कुमार भाई हैं, जबकि दीपक प्रकाश और निशांत कुमार में बहुत फर्क है.

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तेजस्वी यादव द्वारा सरकार पर राघोपुर में बाढ़ राहत बचाव कार्य नहीं करने पर श्रवण कुमार ने कहा कि जल संसाधन विभाग सभी जगह काम कर रहा है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के पास कोई काम नहीं बचा है, इसलिए वह इस तरह की बातें कर रहे हैं. तेजस्वी यादव गर्दनीबाग में धरना पर बैठे छात्रों के साथ हैं. वे कई बार मिलने भी गए हैं. इस पर श्रवण कुमार ने कहा कि छात्रों को गुमराह करना बंद करें. जनता का विश्वास पहले ही वह खो चुके हैं. अभी चुनाव होने में साढ़े चार साल बचे हैं.

JDU नेता श्रवण कुमार ने कहा, "जो भी छात्र आंदोलन कर रहे हैं, उनके एक-एक सवाल का सरकार ध्यान रखे हुए है. समय पर सभी का निष्पादन होगा. लगातार नियुक्तियां हो रही हैं. कल बहुत बड़े पैमाने पर रोजगार के क्षेत्र में पहल की गई है, लेकिन राजनीतिक पार्टी के लोग उनकी समस्या का समाधान नहीं चाहते. वे सिर्फ जल्दी से बिहार की कुर्सी चाहते हैं."

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