बिहार की राजनीति में इन दिनों बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है, जहां सीएम नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना लगभग तय माना जा रहा है. इस संभावित बदलाव के चलते उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है. इसी बीच विपक्षी दल उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं और इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया गया है.

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प्रशांत किशोर का सीधा आरोप, ‘जनता के साथ हुआ विश्वासघात’

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इस पूरे मामले पर एक बार फिर तीखी प्रतिक्रिया दी है. एएनआई को दिए बयान में उन्होंने कहा, "शारीरिक और मानसिक तौर पर नीतीश कुमार न चुनाव से पहले से ही उनकी तबीयत ठीक थी और न अभी है... मैंने पहले भी कहा था... इसीलिए उन्हें हटाया जा रहा है, लेकिन बिहार की जनता के साथ विश्वासघात किसने किया? नीतीश कुमार ने किया... उनकी पार्टी और बीजेपी ने किया, जिन्हें मालूम था कि वे स्वस्थ नहीं हैं फिर भी बिहार की जनता को बेवकूफ बना कर कहा कि यही तुम्हारे नेता हैं, इन्हें वोट दो तो ये युवाओं को 1 करोड़ नौकरियां देंगे. अब वो नौकरी क्या देंगे, उनका अपना ही नौकरी खत्म हो गया है. वो जा रहे हैं दिल्ली."

‘1 करोड़ नौकरी का वादा अब कौन पूरा करेगा?’

प्रशांत किशोर ने आगे सवाल उठाते हुए कहा कि अब बिहार की जनता को जवाब कौन देगा. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने नीतीश कुमार के नाम पर वोट मांगे और उन्हें स्वस्थ बताया, वे सभी बिहार के मतदाताओं के गुनहगार हैं. प्रशांत किशोर ने पूछा कि अब राज्य में 1 करोड़ नौकरियां देने का वादा आखिर कौन पूरा करेगा, जिसे चुनाव के दौरान बड़ा मुद्दा बनाया गया था.

सीएम चेहरे पर भी सियासत, दिल्ली से तय होगा फैसला?

मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर भी प्रशांत किशोर ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा, "बिहार में सीएम मटेरियल वो हैं जिसको बिहार की जनता मानें, लेकिन आज की तारीख में मुख्यमंत्री का चेहरा वही होगा जो प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह चाहते हैं..." इस बयान के बाद साफ है कि बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में और भी घमासान देखने को मिल सकता है, जहां सत्ता और नेतृत्व को लेकर नई बहस छिड़ गई है.