जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर अब बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में ताल-ठोक रहे है. इस बीच जन सुराज पार्टी ने C-7 फॉर्म जारी किया है. इसमें प्रशांत किशोर के खिलाफ 8 मुकदमे दर्ज हैं. यह मामले उन पर 31 धाराओं में दर्ज किए गए हैं. हालांकि वे किसी में दोषी नहीं पाए गए हैं.
अगर प्रशांत किशोर दोषी पाए जाए जाते तो उनको 7 साल की सजा तक हो सकती है. लेकिन आरोप तय न होने की वजह से वे दोषी नहीं पाए गए हैं. ऐसे में अब वे चुनाव मैदान में हैं तो सवाल उठ रहे हैं क्या प्रशांत किशोर किसी भी मामले में दोषी पाए जाने के बाद 7 साल की सजा काटने के लिए जेल जाएंगे. वहीं उनके चुनाव लड़ने को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं.
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प्रशांत किशोर पर कहां-कहां दर्ज हैं केस
प्रशांत किशोर के खिलाफ ये मामले बेतिया, पटना, गांधी मैदान, मुजफ्फरपुर, पीरबहोर, सहरसा, सचिवालय थाना क्षेत्रों में दर्ज हैं. इसमें 1 मामला साल 2024 में उनके खिलाफ दर्ज हुआ है. बाकी सभी मामले 2025 में दर्ज किए गए हैं. प्रशांत किशोर पर दर्ज यह मामले जनहित के मुद्दों पर किए गए प्रदर्शन से जुड़े हुए हैं. अपने ऊपर दर्ज मामलों पर प्रशांत किशोर ने बताया था कि मेरे ऊपर दर्ज मामले किसी नैतिक अपराध से जुड़े हुए नहीं हैं.
बता दें कि प्रशांत किशोर अपनी पार्टी जन सुराज की ओर से उम्मीदवार हैं. इस सीट पर उनके चुनाव लड़ने से मुकाबला और दिलचस्प हो गया है. चुनाव लड़ने को लेकर उन्होंने कहा कि संगठनात्मक अनुभव, नेतृत्व और पदयात्रा के दौरान मिले जनसमर्थन की वजह से उम्मीदवार बनाया गया है.
जन सुराज पार्टी के संस्थापक एवं बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पर संसद पहुंचने का पहला अवसर मिलते ही बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र को ‘‘छोड़ देने’’ का आरोप लगाया. नितिन नवीन के सीट छोड़ने के बाद अब इस सीट पर उपचुनाव होना है.
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