बकरीद से पहले बिहार में गाय की कुर्बानी, गौतस्करी और अवैध स्लॉटर हाउसों को लेकर एक बड़ा मुद्दा सामने आया है. राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और इस्लामिक स्कॉलर हाजी मोहम्मद परवेज़ सिद्दिकी ने डीजीपी और गृह विभाग को पत्र भेजकर राज्यभर में सख्त कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा है कि बिहार में गाय की कुर्बानी और अवैध कटान पर पूरी तरह रोक सुनिश्चित की जाए और अवैध स्लॉटर हाउसों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए.

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हाजी मोहम्मद परवेज़ सिद्दिकी ने अपने पत्र में कहा कि बिहार के कई जिलों से लगातार गायों की अवैध खरीद-फरोख्त, तस्करी और कटान की खबरें सामने आ रही हैं. उनका कहना है कि ऐसी गतिविधियों की वजह से सामाजिक तनाव बढ़ता है और कानून-व्यवस्था पर असर पड़ता है.

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उन्होंने यह भी कहा कि गौतस्करी को लेकर पहले भी कई जगहों पर मॉब लिंचिंग जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जो समाज के लिए बेहद खतरनाक हैं. उन्होंने सरकार से अपील की कि समय रहते इस पर सख्त कदम उठाए जाएं ताकि राज्य में शांति और सौहार्द बना रहे.

स्पेशल पुलिस टास्क फोर्स बनाने की मांग

अपने पत्र में हाजी परवेज सिद्दिकी ने बिहार सरकार से स्पेशल पुलिस टास्क फोर्स बनाने की मांग की है. उनका कहना है कि यह टास्क फोर्स राज्यभर में गौतस्करी, अवैध खरीद-बिक्री और गायों के अवैध कटान में शामिल गिरोहों पर लगातार नजर रखे और उनके खिलाफ कार्रवाई करे.

उन्होंने कहा कि सिर्फ सामान्य पुलिस कार्रवाई से इस समस्या पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल है. इसके लिए अलग से विशेष नेटवर्क और राज्यव्यापी अभियान चलाने की जरूरत है.

अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग

हाजी परवेज सिद्दिकी ने अपने पत्र में यह भी कहा कि जिन पुलिस या प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही या मिलीभगत की वजह से अवैध स्लॉटर हाउस और गौतस्करी का नेटवर्क चल रहा है, उनके खिलाफ भी सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी, तभी इस तरह के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लग सकेगी.

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हाजी मोहम्मद परवेज सिद्दिकी ने अपने पत्र में भारतीय संविधान के नीति निदेशक तत्वों के तहत अनुच्छेद 48 का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि गौवंश संरक्षण संविधान की भावना और राज्य की जिम्मेदारी का हिस्सा है.

उन्होंने बताया कि इससे पहले 16 मई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी पत्र भेजकर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और देशभर में गाय की कुर्बानी पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की जा चुकी है.