जेडीयू में थैली लेकर मंत्री बनाया गया है, नीतीश कुमार को जिंदा दफन कर दिया गया है, पूर्व सांसद आनंद मोहन के इस बयान पर अब जेडीयू के एमएलसी संजय सिंह ने करारा जवाब दिया है. सोमवार (18 मई, 2026) को संजय सिंह ने पत्रकारों से कहा कि आनंद मोहन जेडीयू में नहीं हैं. थैली लेने वाला थैली का बात करे तो मुझे आश्चचर्य होता है.
संजय सिंह ने कहा कि शिवहर में बीजेपी से जेडीयू ने सीट लेकर लवली आनंद को टिकट दिया. जीतकर भी आईं. मैं पूछना चाहता हूं कि क्या आनंद मोहन थैली लेकर गए थे टिकट के लिए? उनके पुत्र चेतन आनंद शिवहर से एमएलए थे. वहां की स्थिति उनकी काफी खराब थी. उनको नबीनगर भेजा गया तो क्या थैली लेकर गए थे?
संजय सिंह ने साफ कहा कि जो थैली लेते हैं वो थैली की बात करते हैं. किसी माई के लाल में हिम्मत नहीं है कि जेडीयू में थैली देकर टिकट ले ले. जो लोग जिस तरह के होते हैं उस तरह की भाषा बोलते हैं.
पुत्र के चलते धृतराष्ट्र बन गए: संजय सिंह
मीडिया से बातचीत के क्रम में जेडीयू नेता ने आगे कहा कि 2020 में लवली आनंद ने आरजेडी से चुनाव लड़ा था. करीब 20 हजार वोट से हारीं. सबसे बड़ा इनको (आनंद मोहन) दर्द है पुत्रमोह, पुत्र के चलते धृतराष्ट्र बन गए हैं. उन्होंने कहा कि हमको खुशी तब होती जब क्षत्रिय समाज से कोई बेटा जीतकर आया हो और उसके लिए वो लड़ाई लड़ें, अपना पुत्र मंत्री नहीं बना तो पेट में दर्द हो रहा है.
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नीतीश कुमार के स्वास्थ्य से जुड़े सवाल पर कहा कि आनंद मोहन से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत है क्या? नीतीश कुमार ने पूरे चुनाव में प्रचार किया जब विपक्ष के नेता घर में बैठे थे. संजय सिंह ने कहा कि जो समाज की बात करता है वही नेता कहलाता है. परिवार में लोग सिमट कर रह जाते हैं. संजय सिंह ने टिकट को लेकर कहा कि जेडीयू में सर्वे होता है. सर्वे के अनुसार टिकट मिलता है.
'जेडीयू में कोई अंतरकलह नहीं'
पत्रकारों ने कहा कि आनंद मोहन कह रहे हैं कि उनके बेटे चेतन आनंद के चलते नीतीश सरकार बची थी. इस पर उन्होंने जवाब में कहा, "कई एमएलए आए थे. मोकामा से विधायक थीं नीलम देवी, भरत बिंद थे, संगीता थीं, मैं कहना चाहता हूं एक व्यक्ति ने सरकार नहीं बचाई थी." पूछा गया कि आनंद मोहन का कहना है कि वो सरकार बनाना जानते हैं तो बिगाड़ना भी जानते हैं. इस पर जेडीयू एमएलसी ने कहा कि वे स्वतंत्र हैं. उनको कौन रोक रहा है? एक सवाल पर उन्होंने साफ किया कि जेडीयू में कोई अंतरकलह नहीं है.
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