पश्चिम बंगाल में बुधवार (29 अप्रैल) को दूसरे चरण के बाद मतदान संपन्न हो चुका है. चुनाव परिणाम 4 मई को जारी किए जाएंगे. इस बीच सियासत गरमाई हुई है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) जैसी पार्टियां अपनी-अपनी जीत के दावे कर रही हैं. बंगाल चुनाव के परिणामों को लेकर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है.

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इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने बीजेपी की सरकार बनने के सवाल पर कहा कि किसकी सरकार बनेगी? भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन रही है नहीं बल्कि बन गई है.

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उन्होंने कहा कि जैसा कि अमित शाह ने कहा है कि इस बार एक-एक पाई का हिसाब रखा जाएगा. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आगे कहा कि बंगाल में उनके गुंडों को 4 मई के बाद लटका दिया जाएगा. साथ ही बांग्लादेशी घुसपैठियों को मारकर देश से बाहर किया जाएगा.

अब बंगाल चुनाव के नतीजों का इंतजार

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की घोषणा 15 मार्च को निर्वाचन आयोग द्वारा किए जाने के 46 दिन बाद राज्य का हाल के वर्षों का सबसे तीखा राजनीतिक मुकाबला बुधवार को रिकॉर्ड मतदान और जीत के परस्पर दावों के साथ समाप्त हो गया और अब नतीजों का इंतजार है. 

यह चुनाव केवल इस बात तक सीमित नहीं रह गया है कि राज्य सचिवालय नबान्न तक कौन पहुंचेगा, बल्कि यह इस बात पर जनमत संग्रह बन गया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 15 वर्षों के शासन के बाद भी बंगाल की केंद्रीय राजनीतिक शक्ति बनी रहती हैं या नहीं. सवाल है कि क्या लगातार चौथी जीत उन्हें 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले बीजेपी के खिलाफ सबसे मजबूत विपक्षी चेहरा स्थापित कर सकती है या फिर बीजेपी को राज्य में सत्ता का रास्ता मिल जाएगा.

बंगाल चुनाव के दो चरणों में कितने प्रतिशत हुआ मतदान

दो चरणों में हुए बंगाल विधानसभा चुनाव में कुल मतदान 92.47 प्रतिशत दर्ज किया गया. पहले चरण में 93.13 प्रतिशत और दूसरे में 91.66 प्रतिशत मतदान हुआ. यह स्वतंत्रता के बाद का अब तक का सर्वाधिक मतदान है. इसने 2011 के 84 प्रतिशत मतदान के रिकॉर्ड को भी पार कर लिया, जब बनर्जी पहली बार सत्ता में आई थीं और 34 वर्षों के वाम मोर्चा शासन का अंत हुआ था.

ममता बनर्जी के लिए यह चुनाव उनके राजनीतिक जीवन की निर्णायक लड़ाई माना जा रहा है. लगातार तीन कार्यकाल और डेढ़ दशक तक सत्ता में रहने के बाद वह न केवल सत्ता बरकरार रखने बल्कि अपने स्थापित राजनीतिक ढांचे की रक्षा के लिए भी संघर्ष कर रही हैं.

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