रोहतास के डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) विमल कुमार की हत्या के बाद पूरे बिहार के कार्यपालक पदाधिकारियों में भारी आक्रोश है. रविवार (2 अगस्त) को विमल कुमार का शव पटना लाए जाने के बाद विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब 100 कार्यपालक पदाधिकारी शव वाहन के साथ मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने लगे. उनका कहना था कि वे मुख्यमंत्री से मिलकर सुरक्षा की मांग करेंगे और अपने साथी अधिकारी को न्याय दिलाने की अपील करेंगे.

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जब अधिकारियों का काफिला मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ा तो पुलिस ने बीच रास्ते में उन्हें रोक दिया. इसके बाद सभी अधिकारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और मुख्यमंत्री आवास जाने की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी. प्रदर्शन कर रहे अधिकारियों का कहना है कि अगर एक सरकारी अधिकारी ही सुरक्षित नहीं है तो बाकी अधिकारियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी.

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सुरक्षा और न्याय की मांग

धरने पर बैठे अधिकारियों ने कहा कि वे केवल श्रद्धांजलि देने नहीं, बल्कि सरकार तक अपनी चिंता पहुंचाने आए हैं. उनका कहना है कि राज्यभर में नगर निकायों में काम करने वाले अधिकारियों को कई तरह के दबाव और खतरे का सामना करना पड़ता है. इसलिए सरकार को उनकी सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था करनी चाहिए और विमल कुमार हत्याकांड के दोषियों की जल्द गिरफ्तारी करनी चाहिए.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार शनिवार रात एक कार्यक्रम से लौटने के बाद सरकारी वाहन से पटना जा रहे थे. इसी दौरान औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र के धनौती पुल के पास अज्ञात बदमाशों ने उनकी गाड़ी रुकवा ली.

आरोप है कि अपराधियों ने चालक को हथियार के बल पर काबू में किया और फिर विमल कुमार पर लाठी, डंडे और लोहे की रॉड से हमला कर दिया. गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई.

जांच जारी, कई पहलुओं पर नजर

घटना के बाद पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की है. मृतक की पत्नी ने भी चालक की भूमिका पर सवाल उठाए हैं, जिसे जांच का हिस्सा बनाया गया है. पोस्टमार्टम में शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं. गोली लगने की चर्चा भी सामने आई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. पुलिस का कहना है कि तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर हर पहलू की जांच की जा रही है.

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प्रशासनिक महकमे में आक्रोश

विमल कुमार की हत्या से पूरे प्रशासनिक महकमे में नाराजगी है. प्रदर्शन कर रहे अधिकारियों का कहना है कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती और अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा. फिलहाल पटना में पुलिस और प्रदर्शनकारी अधिकारियों के बीच बातचीत की कोशिश जारी है, जबकि मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है.