बीजेपी के पूर्व सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि 'दीदी' जा चुकी हैं. पश्चिम बंगाल की जनता बहुत अच्छे से उनकी विचारधारा को समझ चुकी है और अब वो अपने आप को बचाने की कोशिश कर रही हैं.

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सबसे बड़ी ताकत जनता की ताकत है- निरहुआ

पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने आगे कहा, ''सबसे बड़ी ताकत जनता की ताकत है. जनता जब चाहेगी, जिसको चाहेगी, उसको पलट सकती है. पश्चिम बंगाल की जनता अब 'दीदी' को पलटने जा रही है, यही डर उनको है.''

पश्चिम बंगाल में 2 चरणों में चुनाव

पश्चिम बंगाल में विधानसभा की 294 सीटें हैं. यहां दो चरणों में मतदान कराया जाएगा. पहला चरण 23 अप्रैल को 152 सीटों पर होगा जबकि दूसरा चरण 29 अप्रैल को बाकी 142 सीटों के लिए आयोजित किया जाएगा. नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे.

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TMC समेत सभी दलों ने चुनाव प्रचार में झोंकी ताकत

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर सभी सियासी पार्टियों ने चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. प्रदेश में TMC के नेता और कार्यकर्ता चौथी बार टीएमसी की सरकार बनाने के लिए पूरी तरह से जुटे हुए हैं. वहीं बीजेपी नेताओं का दावा है कि जनता टीएमसी के कुशासन से त्रस्त हो चुकी है इसीलिए, इस बार जनता ने यहां बीजेपी की सरकार बनाने का मन बना लिया है. साथ में कांग्रेस भी अपनी पार्टी के उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए जोर आजमाइश कर रही है.

साल 2021 में विधानसभा चुनाव के क्या रहे थे नतीजे?

साल 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी ने बेहतर प्रदर्शन किया था. ममता बनर्जी की पार्टी को विधानसभा की 294 में से 213 सीटों पर जीत हासिल हुई थी. वहीं बीजेपी 77 सीटें जीतकर प्रदेश में पहली बार मुख्य विपक्षी पार्टी के रूप में उभरी थी. इंडियन सेक्युलर फ्रंट और निर्दलीयों को एक-एक सीट पर जीत हासिल हुई थी. जबकि लेफ्ट और कांग्रेस के अलायंस का प्रदर्शन बेहद ही निराशाजनक रहा.