दिल्ली में छात्रों और पुलिस के बीच हुई मारपीट और NEET पेपर लीक मामले को लेकर बिहार के मुंगेर में गुरुवार (23 जुलाई) को हजारों छात्र-छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया. आरडी एंड डीजे कॉलेज से शुरू हुआ यह मार्च शहर के प्रमुख रास्तों से होते हुए समाहरणालय पहुंचा, जहां छात्रों ने धरना देकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. पूरे मार्च के दौरान छात्र शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली में सुधार और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते रहे.
प्रदर्शन में शामिल छात्र-छात्राएं हाथों में तिरंगा और महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद की तस्वीरें लेकर पहुंचे. मार्च आरडी एंड डीजे कॉलेज से शुरू होकर अंबे चौक, गोला रोड, कस्तूरबा वाटर वर्क्स चौक, भगत सिंह चौक, एक नंबर ट्रैफिक, किला गेट और शहीद स्मारक होते हुए समाहरणालय पहुंचा. पूरे रास्ते छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की मांग उठाई.
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NEET पेपर लीक और लाठीचार्ज पर जताया विरोध
प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि देश के लाखों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और भरोसेमंद होनी चाहिए ताकि योग्य छात्रों को न्याय मिल सके.
छात्रों ने NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की. साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग उठाई.
छात्रा ने कांग्रेस और बीजेपी दोनों पर उठाए सवाल
सभा को संबोधित करते हुए एक छात्रा ने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं सिर्फ एक सरकार के कार्यकाल तक सीमित नहीं हैं. उसने कांग्रेस और बीजेपी, दोनों सरकारों के दौरान हुई पेपर लीक की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को राजनीति से ऊपर रखकर मजबूत करने की जरूरत है. छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा.
हालांकि विरोध मार्च ज्यादातर समय शांतिपूर्ण रहा, लेकिन किला गेट के पास पहुंचते ही कुछ आंदोलनकारी छात्र उग्र हो गए. उन्होंने सड़क किनारे लगे सरकारी प्रचार वाले होर्डिंग और पोस्टर फाड़ दिए.
मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी, लेकिन किसी तरह की झड़प नहीं हुई. इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी समाहरणालय पहुंचे और मुख्य गेट के बाहर बैठकर नारेबाजी करने लगे.
एसपी पहुंचे, छात्रों से की शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील
छात्रों की बड़ी संख्या को देखते हुए मुंगेर के एसपी सैयद इमरान मसूद भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत कर उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की. इसी दौरान भीड़ में से किसी ने एसपी की ओर पानी की बोतल फेंकी, हालांकि बोतल उन्हें नहीं लगी.
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एसपी सैयद इमरान मसूद ने कहा कि छात्रों ने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध मार्च निकालकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है. उन्होंने बताया कि मार्च में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे और सुरक्षा के लिए पूरे रूट पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था. उन्होंने सभी प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से उठाएं, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे.
