पटना: सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने 96,823 नवनियुक्त शिक्षकों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने 25,000 शिक्षकों नियुक्ति पत्र दिया. वहीं, शिक्षकों को संबंधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमलोग काम करते हैं, दुष्प्रचार नहीं करते हैं. हमारे पत्रकार मित्रों पर अंकुश लगने के कारण वे बिहार में हो रहे विकासात्मक कार्यों को चाहकर भी प्रकाशित नहीं कर पाते हैं. हमलोग बिहार के सभी पंचायतों में उच्च माध्यमिक विद्यालय खोल रहे हैं. इसके लिए 2,768 नए विद्यालय भवन और 3,530 क्लास रूम का निर्माण कराया जा रहा है. इस मद में 7,530 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है. हमारी यही इच्छा है कि जल्द से जल्द बेहतर ढंग से नए विद्यालय भवन और क्लासरूम का निर्माण हो जाए.

टोला सेवक और तालिमी मरकज को भी पैसा दे रहे हैं- सीएम

नीतीश कुमार ने कहा कि वर्ष 2005 में कराए गए एक सर्वेक्षण में हमलोगों को पता चला कि बिहार में 12.5 प्रतिशत बच्चे स्कूल से बाहर हैं. इनमें अधिकांशत अल्पसंख्यक और महादलित समुदाय के बच्चे थे जिन्हें पढ़ाने के लिए टोला सेवक और तालिमी मरकज की बहाली की गई. हमलोग शिक्षकों की तरह ही टोला सेवक और तालिमी मरकज को भी पैसा दे रहे हैं इसलिए हम उम्मीद करेंगे कि वे भी स्कूलों में जाकर अपनी सेवा दें. बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा तेजी से बहाली की प्रक्रिया पूरी की गई है, मैं उन्हें बधाई देता हूं. आप सभी प्रसन्न रहिए और खूब मन लगाकर बच्चों को पढ़ाइए.

'शिक्षकगण अपने दायित्वों का निर्वहन ठीक ढंग से करिएगा'

सीएम ने आगे कहा कि बिहार में 01 लाख 21 हजार पदों पर हुई शिक्षक बहाली में 8 लाख से अधिक युवक-युवतियों ने भाग लिया था. मेरी यह इच्छा है कि आप सभी नवनियुक्त शिक्षकगण अपने दायित्वों का निर्वहन ठीक ढंग से करिएगा ताकि बच्चों का भविष्य उज्ज्वल और बेहतर बने. हमलोग सबके उत्थान के लिए काम करते हैं. बिहार में द्वितीय चरण में जिन 96,823 शिक्षकों की नियुक्ति हुई हैं उनमें 85 प्रतिशत बिहार के हैं और 15 प्रतिशत बिहार से बाहर के रहने वाले युवक-युवतियां शिक्षक नियुक्त हुए हैं.

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