बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरों के बाद बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है. इसी बीच बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी ने राज्यसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि बिहार की 5 राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं और एनडीए ने सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. उनके मुताबिक दो सीटें जेडीयू, दो बीजेपी और एक आरएलएम को दी गई है और एनडीए सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज करेगा.

Continues below advertisement

संजय सरावगी ने कहा कि अगर महागठबंधन अपना उम्मीदवार वापस ले लेता है तो एनडीए के सभी उम्मीदवार निर्विरोध जीत जाएंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ऐसा नहीं होता है तो 16 मार्च को चुनाव कराया जाएगा और उस स्थिति में भी एनडीए की जीत तय है.

उन्होंने कहा कि बिहार में एनडीए के भीतर पांच दल हैं और उनमें से बीजेपी, जेडीयू और आरएलएम के राष्ट्रीय अध्यक्षों ने नामांकन किया है. सरावगी के मुताबिक गठबंधन पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ रहा है और सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज करेगा.

Continues below advertisement

नीतीश कुमार के नामांकन पर दी सफाई

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन को लेकर उठ रहे सवालों पर भी संजय सरावगी ने प्रतिक्रिया दी. पीटीआई के अनुसार, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने फैसले के पीछे के कारणों को अपनी पार्टी के नेताओं के सामने और अपने ट्वीट के माध्यम से स्पष्ट कर दिया है.

सरावगी ने कहा कि नीतीश कुमार ने यह भी आश्वासन दिया है कि वे बिहार की जनता से जुड़े रहेंगे और राज्य के विकास के लिए काम करते रहेंगे. उनके मुताबिक मुख्यमंत्री का यह फैसला पूरी तरह स्पष्ट और पारदर्शी है.

INDIA गठबंधन पर साधा निशाना

इंडिया गठबंधन की ओर से नीतीश कुमार के नामांकन पर तंज कसने को लेकर भी संजय सरावगी ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की राजनीति की बात की जाए तो फिर यह भी कहा जा सकता है कि लालू प्रसाद यादव को हाईजैक कर तेज प्रताप यादव को घर से बाहर निकाल दिया गया.

उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव, मनोज झा और संजय यादव जैसे नेताओं ने मिलकर लालू यादव को नियंत्रित किया और परिवार के भीतर विवाद पैदा किया. सरावगी ने कहा कि बिहार की जनता ने महागठबंधन को पहले ही नकार दिया है और उन्हें जनता के फैसले को समझना चाहिए.

बिहार के विकास का दिया हवाला

संजय सरावगी ने कहा कि कुछ नेता सिर्फ बयानबाजी करते हैं लेकिन नीतीश कुमार ने बीते करीब 20 वर्षों में बिहार के विकास के लिए व्यापक काम किया है. उन्होंने दावा किया कि राज्य को जंगलराज से बाहर निकालकर विकास के रास्ते पर लाया गया.

उन्होंने कहा कि पहले बिहार का बजट करीब 23 हजार करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर 3 लाख 37 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाया गया है. सरावगी ने यह भी दावा किया कि बिहार की आर्थिक विकास दर तमिलनाडु के बाद दूसरे स्थान पर है और इसलिए विपक्ष के आरोपों से कोई फर्क नहीं पड़ता.