मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद अभिनेता इमरान खान को जारी किए गए ‘भारत छोड़ो’ नोटिस पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों को देश के मुद्दों पर अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है. हालांकि, उन्होंने गैर-भारतीय नागरिकों के भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने पर सवाल उठाए.
चिराग पासवान ने कहा, “भारतीय नागरिक भारत में रहकर भारत के विषयों पर अपनी भूमिका निभाएं, इसमें किसी को कोई ऐतराज नहीं है. आप जानते हैं कि मैंने हमेशा शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का समर्थन किया है. लेकिन जो व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है, उसका भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना और उनमें अपनी भूमिका निभाना, मैं कतई जायज नहीं समझता हूं.”
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भारतीय नागरिकों की चिंता को बताया सर्वोपरि
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “मैं मानता हूं कि किसी के मन में आक्रोश, चिंता या कोई समस्या हो सकती है और उसके पास कुछ सुझाव भी हो सकते हैं. भारतीय नागरिकों की हर बात हमारे लिए सर्वोपरि है. केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करने के नाते मैं भारतीय नागरिकों की हर चिंता को जायज मानूंगा और उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करूंगा.”
चिराग पासवान ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विदेशी ताकतों की भूमिका पर जताई जा रही चिंताओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, “जो व्यक्ति भारतीय नागरिक ही नहीं है, उसका भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना उचित नहीं है. जिस तरह से यह पूरा घटनाक्रम सामने आ रहा है, उसमें कई लोग विदेशी ताकतों की भूमिका को लेकर भी चिंता जता रहे हैं.”
भारत में काम करने से नागरिकता नहीं मिल जाती
अभिनेता इमरान खान के भारत में काम करने का जिक्र करते हुए चिराग पासवान ने कहा, “एक विदेशी नागरिक, जिसका जन्म भारत में नहीं हुआ है, वह भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करे, यह उचित नहीं है. निश्चित रूप से उन्होंने भारत में काम किया है. उनके काम में जो भी सही या गलत रहा हो, मैं उनके योगदान की सराहना करता हूं. लेकिन केवल इस आधार पर कि आपने भारत में काम किया है, आपको भारत का नागरिक नहीं माना जा सकता.”
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उन्होंने आगे कहा, “आप भारतीय नागरिक नहीं हैं, इसलिए आपको भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. वह भी तब, जब आप ऐसी सोच का समर्थन कर रहे हों, जिस पर देश में अराजकता फैलाने की कोशिशों को बढ़ावा देने के आरोप लग रहे हैं. भारत में इस तरह की अराजक स्थिति पैदा करने की कोशिशों का समर्थन करना कतई उचित नहीं है.”
