बिहार में दुर्गा पूजा और प्रतिमा विसर्जन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों और थानों को विशेष निर्देश जारी किए हैं. संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. पुलिस मुख्यालय में 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम भी बनाया गया है. इस साल राज्य में करीब 16,800 दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं.

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दुर्गा पूजा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 16 से 24 अक्टूबर तक अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है. इसमें 34 कंपनी बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस, दंगा निरोधी दस्ते की 12 कंपनी और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 11 कंपनी शामिल हैं. इसके अलावा 16,624 बुनियादी प्रशिक्षु सिपाही, 5,100 होमगार्ड और अन्य पुलिसकर्मियों को भी लगाया गया है.

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विसर्जन जुलूस के साथ चलेगी पुलिस

प्रशासन ने प्रतिमा विसर्जन जुलूस के लिए लाइसेंस और सुरक्षा व्यवस्था को जरूरी बताया है. जुलूस के साथ पुलिस स्कॉट रहेगा. जुलूस में शामिल लोगों के लौटने तक पुलिस की तैनाती जारी रखने का निर्देश दिया गया है. संवेदनशील जुलूसों की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी. नदी और तालाबों के घाटों पर जरूरत के अनुसार गोताखोर और बचाव दल तैनात रहेंगे.

पंडालों में CCTV, रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बंद

सभी पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरे और अग्निशमन यंत्र लगाने के निर्देश दिए गए हैं. डीजे पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. लाउडस्पीकर निर्धारित आवाज में बजेंगे और रात 10 बजे के बाद उनका इस्तेमाल नहीं होगा. पंडालों में ऐसी झांकी, तस्वीर या नारे नहीं लगाने को कहा गया है, जिससे किसी की भावना आहत हो.

सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजर

पुलिस संवेदनशील इलाकों में 24 घंटे गश्त करेगी. भारत-नेपाल सीमा और पड़ोसी राज्यों की सीमाओं पर भी निगरानी बढ़ाई गई है. प्रशासन ने असामाजिक तत्वों पर सख्ती के निर्देश दिए हैं. सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री और टिप्पणियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. शांति समिति की बैठकों के जरिए भी शांति बनाए रखने की अपील की गई है.

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