बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न दिए जाने की मांग एक बार फिर उठने लगी है. जेडीयू के  वरिष्ठ और केंद्रीय स्तर के नेता केसी त्यागी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग किया तो बिहार के कई नेता इसका समर्थन भी कर रहे हैं और नीतीश कुमार को भारत रत्न का योग्य बता रहे हैं. लेकिन एनडीए में शामिल लोक जनशक्ति रामविलास के सुप्रीमो चिराग पासवान ने दो टूक में जवाब दिया है कि भारत रत्न मिलने की प्रक्रिया होती है, यह सम्मान किसी के मांगने से या किसी के चाहने से नहीं मिलता है.

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'किसी के चाहने से नहीं मिलता भारत रत्न'

दरअसल, काफी लंबे समय के बाद चिराग पासवान शनिवार (10 जनवरी) को दिल्ली से पटना पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से बात करते हुए नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग पर कहा, "काफी प्रक्रिया के आधार से गुजरते हुए भारत रत्न जैसा सर्वोच्च सम्मान दिया जाता है. ये किसको दिया जाए किसको नहीं दिया जाए यह मांग करके या किसी के चाहने से नहीं मिलता है. मुझे लगता है उसके पीछे की जो प्रक्रिया है, इसमें जो भी काबिल होगा उनको जरूर दिया जाएगा." 

हालांकि उन्होंने नीतीश कुमार की तारीफ भी की और कहा कि पिछले दो दशक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार आगे बढ़ने का काम किया है मैं मानता हूं कि वह इस अधिकार के काबिल हैं.

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लालू यादव पर क्या कहा?

वहीं आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर आरोप तय है होने के सवाल पर चिराग पासवान ने कहा कि यह कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है और मैं हमेशा से कानून का सम्मान किया है. उन्होंने कहा कि  यह देश कानून के आधार पर चलता है. उन्होंने कहा कि तथ्यों के आधार पर कहीं ना कहीं उन पर दोष सिद्ध हुए होंगे यही कारण है कि उन पर आरोप तय हुए हैं .सजा क्या है नहीं है यह आने वाला समय बताएगा लेकिन यह तय है कि तथ्य सामने होंगे तब ही न्यायालय ने आरोप तय किया है.