भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर को लेकर बीजेपी ने सवाल उठाया है. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने इस मामले पर दुख जताया है और कहा है कि इस घटना को लेकर जनता के मन में जो सवाल और चिंताएं हैं, उनका निष्पक्ष उत्तर सामने आना चाहिए.

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उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार द्वारा संबंधित पुलिसकर्मियों के निलंबन की त्वरित कार्रवाई स्वागतयोग्य है, लेकिन न्याय केवल प्रारंभिक कार्रवाई से पूरा नहीं होता. पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच आवश्यक है, ताकि सच्चाई सामने आए और किसी भी प्रकार की आशंका की गुंजाइश न रहे.

'केवल एक व्यक्ति की मौत का मामला नहीं'

आगे यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का दायित्व है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में कानून से ऊपर कोई नहीं हो सकता. यदि जांच में अधिकारों के दुरुपयोग, लापरवाही अथवा निर्धारित प्रक्रिया के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए. यह मामला केवल एक व्यक्ति की मौत का नहीं, बल्कि जनता के कानून और न्याय व्यवस्था पर विश्वास से भी जुड़ा हुआ है. 

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अश्विनी चौबे ने की संज्ञान लेने की अपील

दूसरी ओर पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता अश्विनी चौबे ने भोजपुरी में हुए एनकाउंटर को गलत बताया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि भरत भूषण तिवारी की पुलिस प्रशासन द्वारा आत्मसमर्पण के उपरांत उसकी गोली मारकर नृशंस हत्या कर दी गई जो हृदय विदारक है. लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है.

उन्होंने कहा, "मैं देश के गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह करता हूं कि भरत तिवारी की निर्मम हत्या पर संज्ञान लेते हुए हत्यारे बने पुलिस प्रशासन के खिलाफ तत्काल कार्रवाई कर उच्चस्तरीय जांच का आदेश दें ताकि समाज में गलत संदेश ना जाए. साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से आग्रह करता हूं कि हत्यारों को तत्काल 48 घंटे के भीतर जेल भेज कर बिहार में सुशासन होने का परिचय दें."

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