जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर बांकीपुर से उपचुनाव जीत गए हैं. बंपर वोटों से एक तरफ पार्टी गदगद है तो दूसरी ओर बीजेपी और आरजेडी की ओर से अपने-अपने दावे किए जा रहे हैं कि क्यों इनकी हार हुई. इस बीच सबसे बड़ा सवाल है कि प्रशांत किशोर का अगला कदम क्या होगा? क्या बांकीपुर के लिए ही काम करेंगे या फिर कोई और रणनीति है? इसको लेकर बीजेपी की ओर से बड़ा दावा किया गया है.
बीजेपी नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अजय आलोक ने प्रशांत किशोर के अगले कदम को भांप लिया है. उनका दावा है कि बांकीपुर बस बहाना है लेकिन प्रशांत किशोर का निशाना यूपी है. जिस तरह बिहार में उन्होंने तेजस्वी यादव को विपक्ष के तौर पर साइड कर दिया उसी तरह यूपी में अब अखिलेश यादव की बारी है.
'बांकीपुर बहाना… उत्तर प्रदेश निशाना'
अजय आलोक ने आज (गुरुवार) अपने एक्स हैंडल से एक पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने प्रशांत किशोर को लेकर लिखा है, "प्रखर कुटिल अपनी रणनीति पार्ट-2 के लिए अब सक्रिय होंगे. बांकीपुर तो बहाना था निशाना उत्तर प्रदेश है. ब्राह्मण, मुसलमान और दलित और कांग्रेस जन सुराज का मर्जर और प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस बिहार इस महीने में आएगा. अखिलेश की लंका के हनुमान, तेजस्वी को निपटाया अब समधियों की बारी. लगे रहो भाई."
सवाल- क्या कांग्रेस पीके के साथ?
बता दें कि यूपी में अगले साल (2027) विधानसभा का चुनाव है. ऐसे में सवाल है कि क्या यूपी में प्रशांत किशोर की पार्टी चुनाव लड़ेगी? अगर पार्टी लड़ती है तो क्या जो बातें अजय आलोक कह रहे हैं उसमें सच्चाई है? इसको लेकर बिहार कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया दी गई है.
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पार्टी के प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने कहा कि बीजेपी के नेता अपनी लुटती हुई राजनीतिक भविष्य को देखते हुए आजकल दार्शनिक बने हुए हैं. जमीनी हकीकत से परे हर वो बयान दे रहे हैं, जिनसे उनके हतोत्साहित कार्यकर्ताओं के घाव पर मरहम का काम हो सके, लेकिन ये जख्म अब इतना गहरा हो चुका है कि उनके कार्यकर्ता भी अब उनकी बातों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं.
कांग्रेस नेता ने कहा कि आखिर यूपी में कांग्रेस की क्या स्ट्रेटजी होगी ये अजय आलोक से चर्चा हो रही है क्या जो वे भविष्यवत्ता बनकर ज्ञान दिए जा रहे हैं? यदि वे इतने ही जानकार हैं तो अपनी ही पार्टी में उनका क्या भविष्य है इस पर एक बार बयान दे देते तो बेहतर होता.
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