बिहारविधानसभाचुनावसेपहलेमहिलावोटरसाधनेकेलिएडबलइंजनकीएनडीएसरकारलगातारमहिलाओंकोतोहफेपरतोहफेदेरहीहै . चारदिनपहले 29 अगस्त को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के महिलाओं को रोजगार करने के लिए 10000 रुपये देने की घोषणा किया तो आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीविका निधि का शुभारंभ करके बिहार की आबादी आधी आबादी को बड़ा सौगात दिया है.

आज दोपहर 12:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियोकॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बिहार राज्य जीविका निधि शाखा सहकारी संघ लिमिटेड का शुभारंभ किया. इस दौरान पीएम मोदी ने इस संस्था के बैंक खाते में 105 करोड़ रुपये की राशि भी ट्रांसफर की. इस कार्यक्रम में सीएमनीतीश कुमार भी शामिल हुए. इससे जीविका से जुड़ी महिलाओं को सस्ती और सुलभ वित्तीय सेवाएं प्रदान करने के लिए बनाई गई है.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को जीविका दीदी कर रही हैंमजबूत

इसमें अन्य बैंकों की अपेक्षा काफी कम ब्याज दर पर जीविका दीदियों को लोन मिलेगा. अब किसी बैंक में जाने की जरूरत नहीं होगी. इसका संचालन पूरी तरह डिजिटल होगा, जिससे लेन-देन में पारदर्शिता और तेजी सुनिश्चित होगी. पीएम ने बिहार की जीविका दीदियों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि छोटे व्यवसाय और उत्पादन इकाइयों के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को जीविका दीदी मजबूत कर रही हैं. 2006 में विश्व बैंक की मदद से शुरू किया गया था BRLPS

बतादें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महिला वोटर साधने के लिए सरकार बनते हैं महिलाओं पर विशेष ध्यान देना शुरू कर दिया था और 2006 में ही बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (BRLPS) का गठन किया था .इसे 2006 में विश्व बैंक की मदद से शुरू किया गया था.

सस्ती दर पर कर्ज कराएगाउपलब्ध

वर्तमान में राज्य में 10.81 लाख स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे करीब 1.40 करोड़ महिलाएं जुड़ी हैं. ये समूह कृषि, पशुपालन, हस्तशिल्प, किराना दुकान, सिलाई-कढ़ाई और छोटे उद्योगों से महिलाओं की आय बढ़ा रहे हैं. अब जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड बनाया गया है, जो महिलाओं को बैंक की तरह सस्ती दर पर कर्ज उपलब्ध कराएगा.

सरकार ने नियम और गाइडलाइंस कर दिए हैंजारी

इससे पहले 29 अगस्त को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं द्वारा रोजगार शुरू करने के लिए महिला रोजगार योजना की घोषणा की थी, जिसमें शुरुआती में 10000 घर के परिवार की महिलाओं को मिलेगा इसके लिए सरकार ने नियम और गाइडलाइंस जारी कर दिए हैं.

सीएमनीतीश की मानी जाती हैं कोर वोटर

ग्रामीण विकास विभाग के गाइडलाइंस में कहा गया है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का लाभ लेने के लिए औरतों को जीविका स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ना होगा. बिहार में औरतें सीएमनीतीश की कोर वोटर मानी जाती हैं. जीविका दीदियों का समूह इसके पीछे एक अहम हिस्सा माना जाता है, जिसे सरकार ने बहुत प्रोत्साहित किया है.

बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और महिलाओं को लुभाने के लिए ये एनडीए सरकार का यह बड़ा कदम बताया जा रहा है. पहले भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शराबबंदी अभियान, शिक्षक बहाली में महिला आरक्षण निकाय चुनाव में महिलाओं को 50% आरक्षण समेत अन्‍य मुद्दों के जरिये महिला वोटर्स को लुभाते रहे हैं.