बिहार में बीते 28 फरवरी से जारी राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल के बीच राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अब कड़ा रुख अपना लिया है. मंत्री विजय कुमार सिन्हा और बड़े अधिकारियों द्वारा कई बार मनाने की कोशिश, अल्टीमेटम और चेतावनी के बावजूद हड़ताल जारी रहने के बाद विभाग ने साफ कर दिया है कि अब हड़ताली कर्मचारियों को मनाने का कोई इरादा नहीं है. 1 अप्रैल 2026 से पूरे राज्य में सभी अंचल कार्यालय पहले की तरह काम करेंगे और इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं.
कोई नरमी नहीं - प्रधान सचिव ने सभी डीएम को भेजा पत्र
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने साफ कर दिया है कि जनहित के कार्यों में बाधा डालने वालों के लिए कोई नरमी नहीं बरती जाएगी. विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने सभी जिलों के डीएम को पत्र जारी करते हुए कहा है कि अब किसी भी अंचल को खाली नहीं रहने दिया जाएगा. जो अधिकारी हड़ताल में शामिल नहीं हैं उन्हें उनके मूल पद के साथ-साथ अन्य रिक्त अंचलों का भी अतिरिक्त प्रभार दिया जाएगा.
इनमें अंचलाधिकारी, सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, राजस्व अधिकारी और कानूनगो शामिल होंगे. सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि हर अंचल में पदाधिकारी की उपलब्धता हर हाल में जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए.
अब राजस्व अधिकारी ही संभालेंगे जिम्मेदारी
पूरे राज्य में करीब 50 फीसदी अंचल कार्यालयों में अंचलाधिकारी समेत राजस्व कर्मी हड़ताल पर हैं. कई जगहों पर प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अंचल संभालने का भार दिया गया था, लेकिन अब विभाग ने उन्हें इस अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया है. विभाग का कहना है कि उनके पास पहले से ही पर्याप्त जिम्मेदारियां हैं, इसलिए अब सीधे राजस्व सेवा के कार्यरत अधिकारियों को ही यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी.
इससे दाखिल-खारिज, परिमार्जन, मापी, अतिक्रमण और प्रमाण पत्र जैसे कार्यों में कोई रुकावट नहीं आएगी. आदेश में यह भी कहा गया है कि हड़ताल से लौटने वाले अधिकारियों को सदर अंचल एवं अनुमंडल मुख्यालय के अंचलों का प्रभार दिया जाए.
अतिरिक्त प्रभार के साथ मिलेंगे पूर्ण वित्तीय अधिकार
जारी पत्र में कहा गया है कि अतिरिक्त प्रभार पाने वाले अधिकारियों को पूर्ण वित्तीय अधिकार दिए जाएंगे ताकि वेतन, योजनाओं और अन्य खर्चों में कोई बाधा न आए. साथ ही जिलों में कार्यभार का संतुलन बनाए रखने और नजदीकी अंचलों में ही अतिरिक्त जिम्मेदारी देने का निर्देश भी दिया गया है. इस अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था लागू होने से पहले फरवरी और मार्च में निर्गत पत्रों को अवक्रमित करने का निर्देश भी दिया गया है.
विभाग ने इस नई व्यवस्था के जरिए स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अब प्रशासनिक कामकाज रुकने नहीं दिया जाएगा और जनता से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या दबाव बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
