बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए सियासी जंग के बीच बहुजन समाज पार्टी के विधायक सतीश कुमार सिंह का बयान आया है. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानी AIMIM द्वारा प्रत्याशी उतारने और विपक्षी दलों से सहयोग मांगने के बीच बसपा विधायक बयान महत्वपूर्ण हो गया है. 

विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए सिंह ने कहा कि हमने अभी कोई फैसला नहीं लिया है. जब पार्टी फैसला करेगी, तब देखेंगे. अभी हम न तो महागठबंधन में हैं और न ही NDA में. हमारी पार्टी अकेले लड़ी है. हमारी कोशिश तीसरा मोर्चा बनाकर उस पर चुनाव लड़ने की है.

इससे पहले  सिंह ने कहा था, 'जब हमारी नेता बहन मायावती निर्देश देंगी, तो मैं आपको साफ-साफ बता दूंगा. हमें अभी तक कोई निर्देश नहीं मिला है. '

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बिहार में राज्यसभा की ये पांच सीटें हो रहीं हैं खाली

बता दें बिहार से राज्यसभा की पांच सीटें इस वर्ष 9 अप्रैल 2026 को खाली हो रही हैं, क्योंकि संबंधित सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. इनमें रामनाथ ठाकुर, हरिवंश नारायण सिंह, उपेन्द्र कुशवाहा, प्रेमचंद गुप्ता और अमरेन्द्र धारी सिंह शामिल हैं. मौजूदा स्थिति में इनमें से तीन सीटें एनडीए घटक दलों के पास और दो सीटें राजद के पास हैं. इन सीटों के लिए चुनाव मार्च में निर्धारित हैं, जिसके परिणामस्वरूप विधानसभा की मौजूदा संख्या बल के आधार पर सत्तापक्ष की स्थिति मजबूत मानी जा रही है, जबकि विपक्ष के सामने अपनी सीटें बचाए रखने की चुनौती होगी.

फिलहाल बिहार विधानसभा में भाजपा के पास 89 सीटें और नीतीश कुमार की जद(यू) के पास 85 सीटें हैं. सहयोगी दलों के साथ मिलाकर एनडीए का आंकड़ा लगभग 200 के पार है. इसके मुकाबले महागठबंधन में तेजस्वी यादव की राजद को 25 और कांग्रेस के पास 6 सीटें हैं. वहीं एआईएमआईएम के पास 5, आईआईपी 1 के पास सीट है.