ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने राज्यसभा चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान किया है. पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह इस बार राज्यसभा के लिए अपना उम्मीदवार उतारेगी और किसी अन्य दल को समर्थन देने के लिए नहीं बनी है.

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पार्टी के विधायक अख्तरुल ईमान ने कहा कि AIMIM सिर्फ समर्थन देने के लिए राजनीति में नहीं आई है. उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या मैं सिर्फ समर्थन देने के लिए ही जन्मा हूं. पहले यह भी पूछा जाए कि मुझे कौन समर्थन देगा. उनका कहना है कि राज्यसभा में उनकी पार्टी का अभी कोई प्रतिनिधि नहीं है, इसलिए AIMIM चाहती है कि उसकी आवाज भी सदन में पहुंचे.

दलितों और पिछड़ों के अधिकारों की रक्षा करना चाहते है ओवैसी

अख्तरुल ईमान ने केंद्र और राज्य की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में जो लोग सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ना चाहते हैं और दलितों, पिछड़ों व दबे-कुचले वर्गों के अधिकारों की रक्षा करना चाहते हैं. उन्हें AIMIM का साथ देना चाहिए. उन्होंने कहा कि पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी हमेशा समाज के कमजोर वर्गों की आवाज उठाते हैं. देश में कहीं भी सांप्रदायिक तनाव की स्थिति होती है तो वे सबसे पहले वहां खड़े दिखाई देते हैं.

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ओवैसी के हाथों को मजबूद करें कार्यकर्ता- अख्तरुल

उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि ओवैसी के हाथ मजबूत किए जाएं और AIMIM को राज्यसभा में पहुंचाया जाए. ताकि पार्टी संसद के उच्च सदन में भी अपने विचार मजबूती से रख सके. पार्टी का मानना है कि अब समय आ गया है जब वह सिर्फ समर्थन देने की राजनीति छोड़कर खुद नेतृत्व की भूमिका निभाए.

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