बिहार में राजधानी पटना समेत कई हिस्सों में सोमवार (4 मई) शाम अचानक मौसम बदल गया और बिजली गिरने, आंधी चलने तथा तेज बारिश के कारण होने वाली अप्रिय घटनाओं में 12 लोगों की मौत हो गई. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

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दोपहर की भीषण गर्मी के बाद सोमवार की शाम करीब 4.00 बजे आसमान में घने बादल छा गए, जिससे अधिकांश इलाकों में अंधेरा हो गया. इसके बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई.

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पटना में 5, औरंगाबाद में 3 की मौत

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से जारी एक बयान के अनुसार पूर्वी चंपारण में 5 लोगों की, गयाजी जिले में 4 और औरंगाबाद जिले में 3 लोगों की मौत हुई है.मौसम विभाग ने हालांकि पटना समेत आसपास के जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की थी.

सीएम सम्राट चौधरी ने किया मुआवजे का ऐलान

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन घटनाओं पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है.

मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का निर्देश दिया है. साथ ही लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और बिजली से बचाव के लिए आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है.

उखड़े खंभे, गिरे पेड़, जानलेवा हुई बारिश

मौसम भीषण गर्मी का है, लेकिन मई के महीने में ऐसा बारिश देखकर लोग हैरान हैं. बिहार के कई जिलों में भारी बारिश से काफी नुकसान हुआ है. सिवान और बक्सर में ओले गिरे हैं. ट्रांसफॉर्मर और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं. समस्तीपुर, मधुबनी, दरभंगा और सीतामढ़ी में पेड़ सड़कों पर गिरे और ट्रैफिक बाधित हो गया.

इतना ही नहीं, पटना में 39mm और गया में 477mm बारिश रिकॉर्ड की गई है. वाल्मीकि नगर में 26.2 mm, मोतिहारी में 22.3 mm और समस्तीपुर में 19.5 mm बारिश दर्ज की गई.

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