मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सोमवार (23 मार्च, 2026) को संसद में दिए गए संबोधन पर विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. सहनी ने केंद्र सरकार पर हमला किया. उन्होंने कहा कि यह देर से उठाया गया अच्छा कदम है. यह कदम पहले ही उठाया जाना चाहिए था.

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वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण देश आज इस स्थिति में फंसा है. रसोई गैस की किल्लत और बढ़ती महंगाई से जनता त्रस्त है. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि किसी भी हालत में जंग रुकनी चाहिए. 

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'गलत विदेश नीति के कारण हो रहा आर्थिक नुकसान'

वीआईपी प्रमुख ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय तनाव का सीधा असर भारत पर पड़ रहा है और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर व्यापक है. सरकार ने एलपीजी और पेट्रोल के दाम बढ़ा दिए हैं और इसके कारण आम जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है. सरकार की गलत विदेश नीति के कारण देश को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.

आम जनता पर पड़ेगा भारी बोझ: मुकेश सहनी

उन्होंने कहा कि इस संकट का असर सिर्फ तेल और गैस तक सीमित नहीं है, बल्कि खाद, खाद्य पदार्थों और दवाओं की आपूर्ति शृंखला भी प्रभावित हो रही है. इस महंगाई का असर आम जनता पर भारी बोझ पड़ेगा. मुकेश सहनी ने साफ तौर पर कहा कि बीजेपी विपक्ष को समझती ही नहीं है. आज जब स्थिति गंभीर हुई है और बीजेपी के नेताओं को चुनाव की व्यस्तता से फुर्सत मिली है, तो उन्हें देश की जनता नजर आ रही है. उन्होंने कहा कि आज देश को खतरे में डाला गया है. उन्होंने कहा कि रसोई गैस की किल्लत के कारण अब लकड़ी और गोइठा पर खाना बनाया जा रहा है.

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