'समृद्धि यात्रा' के तहत सोमवार (19 जनवरी, 2026) को शिवहर पहुंचे नीतीश कुमार ने एक बार फिर लालू परिवार पर हमला किया. लालू को लेकर नीतीश कुमार ने कहा कि अपने हट गए थे तो अपनी पत्नी (राबड़ी को सीएम) को बना दिए थे, लेकिन पूरे बिहार में कोई काम हुआ था? बहुत बुरा हाल था.
मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा, "याद है न… पहले क्या स्थिति थी… लोग शाम के बाद घर से बाहर नहीं निकलते थे. समाज में कितना विवाद होता था… कितना हिंदू-मुस्लिम होता था. पढ़ाई का क्या हाल था… बहुत कम होती थी… बहुत कम बच्चे पढ़ते-लिखते थे. पहले इलाज का इंतजाम नहीं था. सड़कें नहीं थीं. जो थीं उनका बुरा हाल था. बिजली बहुत कम जगह थी. इसके बाद से जब हम लोगों ने काम शुरू किया तो सबके लिए किया. अब किसी प्रकार का बिहार में भय नहीं है. राज्य में प्रेम, भाईचारा और शांति का माहौल है."
लालू-राबड़ी के शासनकाल की ओर इशारा करते हुए कहा, "उन लोगों ने तो मुस्लिम के लिए भी कुछ नहीं किया था… जब हम लोग आए तो कब्रिस्तान की घेराबंदी शुरू कराई. पहले लगभग 8000 कब्रिस्तानों की घेराबंदी की गई. बाद में कुछ और कब्रिस्तानों को चिह्नित किया गया… घेराबंदी की जा रही है. 60 वर्ष से अधिक पुराने मंदिर की घेराबंदी कराई. अब सब कुछ ठीक है."
सभी क्षेत्रों में तेजी से हो रहा विकास: नीतीश कुमार
नीतीश कुमार ने कहा कि सब तरह से हम लोगों ने काम किया है. सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है. राज्य में बड़े पैमाने पर सड़क पुल-पुलियों का निर्माण कराया गया है. सात निश्चय के तहत हर घर नल का जल, घर-घर बिजली, शौचालय का काम हुआ. टोलों तक सड़क बनाई गई. आज हर घर बिजली पहुंचा दी गई है, पहले नहीं होता था. शहर में थोड़ी बिजली रहती थी. अब तो सभी घरेलू उपभोक्ताओं को घरेलू बिजली (125 यूनिट) मुफ्त में दी जा रही है.
सीएम ने कहा कि सरकार ने शुरू से ही सभी तबकों का विकास किया है. चाहे हिंदू हो मुस्लिम हो, पिछड़ा हो, अति पिछड़ा हो, दलित हो, महादलित हो. सभी वृद्धजनों और दिव्यांग जनों के लिए काम किया गया. उन्होंने यह भी साफ किया कि बिहार के विकास में केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है. नीतीश कुमार ने सात निश्चय-3 के बारे में भी लोगों को बताया.
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