केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोला है. सोमवार (19 जनवरी, 2026) को पटना में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि ईडी जांच करने गई थी तो चीफ मिनिस्टर (ममता बनर्जी) चोर की तरह जाकर फाइल उठाकर ले गईं. भारत सरकार ने बहुत धैर्य रखा है. अगर हम उस जगह होते तो अभी वहां हम राष्ट्रपति शासन लागू कराकर उनको शंट कर देते.

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दरअसल मांझी से सवाल किया गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि बंगाल के लोग टीएमसी को सबक सिखाएंगे और महाजंगलराज को खत्म कर देंगे. इसी पर वे अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे. मांझी ने कहा, "निश्चित रूप से उन्होंने (प्रधानमंत्री) बहुत सही बात कही है. बंगाल की मुख्यमंत्री खुद को सुपर चीफ मिनिस्टर मानती हैं. संविधान से ऊपर मानती हैं. एसआईआर हर कोई करा रहा है और वे कहती हैं कि हम नहीं कराएंगे. सभी राज्य फॉलो कर रहे हैं लेकिन विश्वकर्मा योजना को वो फॉलो नहीं कर रही हैं… आखिर क्या है?" 

'जो घटना घटी है दुखद है'

दूसरी ओर पटना में नीट छात्रा की हुई मौत मामले में एक बार फिर मांझी ने अपना रिएक्शन दिया और साफ कार्रवाई की बात कही. उन्होंने कहा, "प्रदर्शन तब होता है, आंदोलन तब होता है जब सरकार वहां की संवेदनहीन होती है, लेकिन नीतीश कुमार की सरकार संवेदनशील है. जो घटना घटी है दुखद है." 

इस घटना पर जीतन राम मांझी ने यह भी कहा कि हम लोग भी आश्चर्यचकित हैं. जो भी संभव कार्रवाई है हो रही है. एसआईटी का गठन हो गया है. सीबीआई अपने स्तर से जांच कर रही है. दो-चार-दस दिन लग सकता है, लेकिन उसके बाद जो ऐसा किया है उसको भुगतना पड़ेगा. इसमें कहीं दो मत नहीं है. ऐसा भुगतेगा कि कोई आगे इस तरह की फिर नहीं सोचेगा."

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