आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली में राज्यसभा सांसद पद की शपथ ले ली है. शपथ लेने के बाद 11 अप्रैल 2026 को पटना लौटने का कार्यक्रम है. यह कदम नीतीश कुमार के राजनीतिक करियर में बड़ा बदलाव है, क्योंकि वे अब केंद्र की राजनीति में सक्रिय होंगे और JD(U) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में भी चौथी बार काम करेंगे. लेकिन असल पेंच तो मुख्यमंत्री की कुर्सी पर फंसा हुआ है. अगला सीएम कौन होगा और कौन से नाम रेस में आगे हैं जैसे सवालों ने बैचेनी पैदा कर दी है. तो आइए समझते हैं एक्सप्लेनर में...

Continues below advertisement

सवाल 1: नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा कब देंगे?

जवाब: नीतीश कुमार के इस्तीफे की अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों के हवाले से मजबूत संकेत हैं कि नीतीश कुमार 13 या 14 अप्रैल तक इस्तीफा दे सकते हैं. 13 अप्रैल 2026 को आखिरी कैबिनेट मीटिंग होगी और 14 अप्रैल को खरमास खत्म होने के बाद गवर्नर को इस्तीफा सौंपा जाएगा. फिर 14 अप्रैल को NDA विधायक दल की बैठक बुलाई जा सकती है, जिसमें नया नेता चुना जाएगा और 15 अप्रैल को नया मुख्यमंत्री शपथ ले सकता है.

Continues below advertisement

JD(U) मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, 'जब तक नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक किसी भी अटकल पर विराम नहीं लगेगा. अंतिम फैसला गठबंधन के बड़े नेताओं को करना है.' यानी अभी सस्पेंस बरकरार है, लेकिन सबकी नजरें दिल्ली और पटना पर टिकी हैं.

 

नीतीश कुमार 14 अप्रैल 2026 तक इस्तीफा दे सकते हैं

सवाल 2: नीतीश के इस्तीफे के बाद क्या BJP को पहली बार CM पद मिल सकता है?

जवाब: हां, NDA के पास बहुमत है और BJP सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते पहली बार बिहार में अपना मुख्यमंत्री बना सकती है. पॉलिटिक एक्सपर्ट्स का मानना है कि NDA विधायक दल की बैठक में नया नेता चुना जा सकता है. यह नीतीश कुमार के लंबे युग का अंत होगा. वे 20 साल से ज्यादा समय से बिहार के CM रहे. BJP की कोर ग्रुप मीटिंग आज 10 अप्रैल को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में दिल्ली में हो रही है, जहां CM कैंडिडेट पर चर्चा हो सकती है. पटना BJP दफ्तर के बाद सम्राट चौधरी के नाम के पोस्टर भी लगे थे, हालांकि बाद में हटा दिए गए.

सवाल 3: वो 5 नाम कौन से हैं जो CM रेस में सबसे आगे हैं?

जवाब: मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो 5 से 8 नाम मुख्यमंत्री पद की रेस में हैं, जिनकी दावेदारी सबसे ज्यादा मजबूत है:

1. सम्राट चौधरी: कोयरी समुदाय के बड़े चेहरे और BJP के OBC नेता के रूप में सबसे मजबूत दावेदार हैं. पटना BJP ऑफिस के बाहर उनके नाम के पोस्टर भी लग चुके हैं. सूत्रों के मुताबिक वे फ्रंट रनर हैं क्योंकि उन्होंने पार्टी में तेजी से तरक्की की है और संगठन में मजबूत पकड़ है. 1999 में RJD से राजनीतिक करियर शुरू किया और राबड़ी देवी सरकार में मंत्री बने. 2017 में BJP जॉइन की. BJP में तेजी से तरक्की मिली- राज्य उपाध्यक्ष, MLC, 2023 में बिहार BJP अध्यक्ष. जनवरी 2024 से नीतीश सरकार में डिप्टी CM हैं. नीतीश कुमार ने मार्च 2026 में उनकी पीठ थपथपाकर 'उत्तराधिकारी' का संकेत दिया. BJP में संगठनात्मक ताकत, कोइरी वोट बैंक और अमित शाह का भरोसा हासिल है.

 

सम्राट चौधरी CM पद के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं

2. विजय कुमार सिन्हा: वे पांच बार के विधायक हैं, भूमिहार समुदाय से हैं और RSS से गहरे संबंध हैं. सिन्हा अनुभवी नेता हैं, जिनमें स्थिरता है और संगठन का नाम ऊंचा किया है. 2005 से लखीसराय से लगातार 5 बार विधायक रहे. 2017-2020 में लेबर रिसोर्सेस मंत्री बन चुके. 2022-2024 में लीडर ऑफ अपोजिशन रहे. संगठन और ऊंची जाति समीकरण के लिए मजबूत विकल्प हैं. हालांकि, वे खुद सीएम रेस में शामिल होने से इनकार कर चुके हैं, लेकिन नाम अभी भी चर्चा में है. 

3. दिलीप जायसवाल: 20 साल तक BJP के राज्य कोषाध्यक्ष रहे. जुलाई 2024 से दिसंबर 2025 तक बिहार BJP अध्यक्ष और सिक्किम BJP का भी इंचार्ज संभाल चुके. 2025 में कैबिनेट में शामिल हुए. फिलहाल बिहार के इंडस्ट्रीज और रोड कंस्ट्रक्शन मंत्री हैं. पार्टी संगठन में लंबा अनुभव है और खगड़िया क्षेत्र में लोकप्रियता भी काफी है. BJP के 'सरप्राइज पैकेज' में नाम चल रहा है.

4. नित्यानंद राय: ABVP और RSS से राजनीतिक सफर शुरू किया. 1990 में BJP जॉइन की. 2000 से 2014 तक हाजीपुर से 4 बार विधायक रह चुके. 2016-2019 तक बिहार BJP अध्यक्ष रहे. 2014, 2019 और 2024 में उजियारपुर से सांसद बने. 2019 से केंद्रीय मंत्री हैं. रेस में शामिल हैं क्योंकि केंद्र में अनुभव और बिहार में मजबूत संगठन बना है. BJP के अंदर 'सरप्राइज' विकल्प माने जा रहे हैं. OBC समीकरण को बैलेंस करने में बेहतर साबित हो सकते हैं.

5. मंगल पांडे: 1988 में RSS जॉइन की और 1998 में BJP में प्राथमिक सदस्य बने. 2013-2017 तक बिहार BJP अध्यक्ष भी रह चुके. 7 मई 2012 से MLC और स्वास्थ मंत्री भी रह चुके हैं. संगठनात्मक क्षमता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते नाम आगे चल रहा है. हेल्थ मंत्री के रूप में कामकाज की चर्चा तेज है.

इनके अलावा संजीव चौरसिया, जनक राम और रमा निषाद का भी नाम शामिल है, लेकन ऊपर के 5 नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है. BJP सरप्राइज दे सकती है, लेकिन सम्राट चौधरी पर सबसे ज्यादा दांव लग रहे हैं.

सवाल 4: क्या मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की तरह सरप्राइज नेता बनेगा CM?

जवाब: पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि मध्य प्रदेश, राजस्थान या छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में सरप्राइज नेता चुनकर बीजेपी ने नई स्ट्रैटजी शुरू की थी. बिहार में भी दे सकती है. EBC या दलित समुदाय से कोई नया चेहरा चुना जा सकता है. BJP की दिल्ली बैठक में भी इस पर चर्चा हो सकती है, लेकिन BJP ऐसा एक्सपेरिमेंट करने के मूड में नहीं दिख रही. BJP में इतना ज्यादा इंटरनल कन्फ्यूजन है कि इस बार सरप्राइज देने की स्थिति में नहीं है. इस वजह से पारंपरिक फ्रंटरनर पर ही फैसला हो सकता है.

 

BJP ने मध्यप्रदेश में बड़े नेताओं की जगह 5वीं लाइन में बैठे मोहन यादव को सीएम बना दिया था

सवाल 5: इस फेरबदल से बिहार की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?

जवाब: यह बदलाव NDA सरकार की निरंतरता सुनिश्चित करेगा, लेकिन नया CM कैसा होगा, यह जातीय समीकरण, संगठन और विकास एजेंडे पर निर्भर करेगा. नीतीश कुमार ने कहा है कि वे नए सरकार को पूरा सहयोग देंगे. अभी तक कोई आधिकारिक ऐलान नहीं, लेकिन आज की शपथ और दिल्ली की बैठक के बाद 2-3 दिनों में बड़े अपडेट आने की उम्मीद है.

आज नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद बन रहे हैं. सीएम पद छोड़ने की तैयारी चल रही है, लेकिन तारीख 13-14 अप्रैल के आसपास. कुर्सी BJP के पास जा सकती है और रेस में सम्राट चौधरी सबसे आगे, उसके बाद विजय सिन्हा, दिलीप जायसवाल, नित्यानंद राय और मंगल पांडे. सब कुछ NDA की बैठक और BJP की दिल्ली बैठक पर निर्भर है.