बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने अब राष्ट्रीय जनता दल से एक सीट की मांग की है और राज्यसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे की याद दिलाई है. हालांकि आरजेडी ने साफ कर दिया है कि वो अपना उम्मीदवार उतारेगी, क्योंकि विपक्ष केवल एक ही सीट जीत सकता है.

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राज्यसभा चुनाव के समय की बात दिलाई याद

अख्तरुल ईमान का कहना है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान उनके पांच विधायकों ने महागठबंधन से आरजेडी के उम्मीदवार के एडी सिंह को समर्थन किया था. उस समय आरजेडी की ओर से दावा किया गया था कि एआईएमआईएम को विधान परिषद की एक सीट दी जाएगी. अब आरजेडी को अपना वादा पूरा करना चाहिए.

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आरजेडी अपना उम्मीदवार उतारेगी: शक्ति यादव

इस पूरे मामले में आरजेडी के नेता शक्ति यादव ने कहा, "इस सीट पर आरजेडी अपना उम्मीदवार उतारेगी. अगर कोई और उम्मीदवार अगर उतरता है तो महागठबंधन में इसकी चर्चा की जाएगी." आरजेडी के रुख से ये साफ हो गया कि वो अब कोई समझौता नहीं करेगी.

अब विधान परिषद चुनाव में इस समीकरण के बाद प्रदेश में सियासत गर्मा गई है. अब देखना ये होगा कि महागठबंधन की राजनीति किस करवट बैठती है. हालांकि अभी इस मामले में तेजस्वी यादव या किसी और वरिष्ठ नेता का बयान नहीं आया है. कुछ हलकों में इस सीट पर तेज प्रताप यादव के भी उतरने की चर्चा है.

मतदान 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और उसी दिन परिणाम भी आ जाएगा. कुल 10 सीटों पर चुनाव होना है. 10 में से एक सीट जो नीतीश कुमार की थी उस पर उपचुनाव होना है. फिलहाल इस जद्दोजहद के बाद प्रदेश में नए समीकरण बन रहे हैं. 243 सदस्यीय विधानसभा में एक विधायक के लिए 25 विधायकों की जरूरत है. वर्तमान में एनडीए की नौ सीटें और महागठबंधन केवल एक सीट जीत सकता है.

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