बिहार में एनडीए की नई सरकार का गठन हो चुका है. नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर एक नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया. उनके साथ दो उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा भी शपथ मंच पर मौजूद रहे.

वहीं, इस बार नीतीश कैबिनेट में चार नए मंत्रियों की एंट्री ने सबका ध्यान खींचा है. ये चार नए मंत्री हैं दिलीप जायसवाल, लेशी सिंह, रमा निषाद और श्रेयी सिंह. आइए जानें इनकी राजनीतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि.

बीजेपी अध्यक्ष से फिर मंत्री बने दिलीप जायसवाल

दिलीप कुमार जायसवाल को बीजेपी संगठन में एक मजबूत चेहरा माना जाता है. वे बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं. एनडीए की प्रचंड जीत के बाद संभावना जताई जा रही है कि बीजेपी 'एक नेता, एक पद' नीति के तहत उनके स्थान पर किसी नए अध्यक्ष को मौका दे सकती है. जायसवाल पहले भी नीतीश कैबिनेट का हिस्सा रह चुके हैं और राजस्व मंत्री रहे हैं. एमएलसी होने के नाते वे विधान परिषद कोटे से दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल हुए हैं. अमित शाह के करीबी माने जाने वाले जायसवाल की रणनीति के चलते बीजेपी ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया. यह उनका अनुभव ही है जो उन्हें फिर सत्ता के केंद्र में ले आया है.

सीमांचल का मजबूत महिला चेहरा है लेशी सिंह

जदयू की वरिष्ठ नेता लेशी सिंह लगातार छठी बार धमदाहा सीट से विजयी हुई हैं. वे इस बार 55 हजार मतों के अंतर से जीतीं और सर्वाधिक मत पाने वाले विधायकों में दूसरे स्थान पर रहीं. लेशी सिंह का लगभग तीन दशक लंबा राजनीतिक सफर रहा है और कई बार वे नीतीश कैबिनेट का हिस्सा रह चुकी हैं. सीमांचल में उनका कद बेहद बड़ा है और विकास कार्यों के लिए उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती रही है. जदयू संगठन में वे मुख्यमंत्री के भरोसेमंद चेहरों में शामिल हैं.

रमा निषाद ने पहले रिकॉर्ड जीता और अब संभाल रही राजनीतिक विरासत

औराई सीट से बीजेपी विधायक रमा निषाद 57 हजार वोटों के विशाल अंतर से जीतीं और इस चुनाव की सबसे बड़ी विजेता बनीं. वे मुजफ्फरपुर के पूर्व सांसद अजय निषाद की पत्नी और पूर्व केंद्रीय मंत्री कैप्टन जय नारायण निषाद की बहू हैं. राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाली रमा निषाद पहली बार विधायक बनीं और मंत्री पद तक पहुंच गईं. मल्लाह समाज से होने के कारण संगठन में उनकी अहम भूमिका मानी जा रही है. नीतीश कुमार द्वारा चुनावी सभा में माला पहनाए जाने के बाद वे चर्चा में आईं और अब कैबिनेट में उनका नाम तय माना जा रहा था.

खेल की स्टार से कैबिनेट तक श्रेयी सिंह सफर

जमुई की बीजेपी विधायक श्रेयी सिंह, बिहार की नई युवा और चमकती हुई राजनीतिक पहचान हैं. वे पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह की बेटी और पूर्व सांसद पुतुल कुमारी की पुत्री हैं. डबल ट्रैप शूटिंग में भारत की शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल श्रेयी 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट रह चुकी हैं. वे 2024 पेरिस ओलंपिक्स में बिहार की पहली प्रतिनिधि भी थीं. खेल जगत में अपने नाम और राजनीतिक विरासत के दम पर श्रेयी को कैबिनेट में जगह मिली है.

नई कैबिनेट में इन चार चेहरों का शामिल होना बताता है कि एनडीए सरकार अनुभव, क्षेत्रीय संतुलन, महिला सशक्तिकरण और युवा नेतृत्व इन चारों पहलुओं को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है.

ये भी पढ़िए- Bihar Oath Ceremony: नीतीश सरकार में BJP, JDU, LJP (R), HAM और RLM से इन विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ, यहां देखें पूरी लिस्ट