Mohammad Imtiaz Last Rites: जम्मू में सीमा पर तैनात सारण के बीएसएफ जवान शहीद मोहम्मद इम्तियाज (Mohammad Imtiyaz) को सोमवार के दिन पूरे रस्म व रिवाज के साथ नम आखों से सपुर्द-ए-खाक कर दिया गया. इस दौरान वहां मौजूद उनके चाहने वालों की आंखों से गर्व के आंसू टपक रहे थे और श्रद्धा के स्वर गूंज रहे थे. इसी बीच देश के इस वीर जवान को लोगों ने कब्र के अंदर उतारा और फिर मिट्टी डालने की रस्म अदा की गई. रिश्तेदारों और दोस्तों के चेहरे पर मायूसी जरूर नजर आई, लेकिन अपने जांबाज बेटे के इस तरह जाने पर सिर फ़क्र से उंचा भी दिखाई दिया. 

'हम सभी शहीदों को नमन करते हैं'

पिता को मिट्टी देने के बाद बेटे इमरान ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि 'आई प्राउड ऑफ यू पापा'. हालांकि वो कुछ भी बोलने की परिस्थिति में नहीं थे, फिर भी उन्होंने इतना जरूर कहा कि हमारे जितने भी सेना के लोग शहीद हुए सब पर हमें गर्व है. मोहम्मद इमरान ने कहा, "हम बस इतना ही कहना चाहेंगे कि हमें अपने पिता पर गर्व है और हम उन सभी शहीदों को नमन करते हैं, जिन्होंने देश के लिए अपना बलिदान दिया."

इससे पहले बेटे इमरान रजा ने ये भी कहा कि "मेरे पिता बहुत मजबूत इंसान थे और मुझे उन पर बहुत गर्व है. 10 मई की सुबह 5:30 बजे उनसे बात की थी. ड्रोन हमले में उनके दाहिने पैर में चोट लग गई थी. यह आखिरी बार था जब मैंने उनसे बात की थी. सरकार को पाकिस्तान को ऐसा सबक सिखाना चाहिए और ऐसा मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए कि कोई बेटा अपने पिता से दूर न रह सके"

पटना में नेताओं ने दी शहीद को श्रद्धांजलि

इससे पहले जब मोहम्मद इम्तियाज का पार्थिव शरीर सोमवार को बिहार की राजधानी पटना पहुंचा तो तमाम नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके बेटे को ढांढस बंधाया. बता दें कि जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा सेक्टर में 10 मई को पाकिस्तान की ओर से सीमा पार से की गई गोलाबारी में अपनी ड्यूटी के दौरान  मोहम्मद इम्तियाज शहीद हो गए थे. वीरगति को प्राप्त हुए BSF के सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज सारण के रहने वाले थे और उनके एक और भाई फिलहाल मेघालय में बांग्लादेश बॉर्डर तैनात हैं.

ये भी पढ़ें: Bihar Elections: विधानसभा चुनाव की टिकट के लिए कांग्रेस का QR कोड लॉन्च, वर्तमान विधायकों के लिए जानें क्या है गाइडलाइन