Bihar Hot Weather: बिहार में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. पिछले चार दिनों से राज्य के तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है. बुधवार को राज्य के 12 जिलों में 40 डिग्री से ऊपर तापमान रहा. सबसे अधिक तापमान गया में 42.3 डिग्री सेल्सियस रहा तो राजधानी पटना में 0.7 डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 41.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा.
अगले पांच दिनों तक तापमान में गिरावट की कोई उम्मीद नहीं है. ऐसे में पटना के प्रख्यात और पद्मश्री से सम्मानित डॉक्टर हेमंत कुमार जो किडनी सम्बंधित रोग के स्पेशलिस्ट हैं, उन्होंने एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत में लोगों को उचित सलाह दी है. आईए जानते हैं गर्मी से बचाव के लिए उनसे कुछ अहम बातें
सवाल- जिस तरह से गर्मी में बढ़ोतरी हो रही है, इससे किस वर्ग के लोगों को सावधान रहने की जरूरत है?
जबाब- गर्मी में बच्चों और बुजुर्ग व्यक्तियों को ज्यादा सुरक्षित रहने की जरूरत है. गर्मी में मुख्य रूप से डिहाईड्रेशन होते हैं. इससे बचाव रखना जरूरी है. अभी के समय में गर्म हवा चलने के पहले बच्चों को देना अनिवार्य हो जाता है, नहीं तो बच्चों को कई तरह की बीमारियां से जूझना पड़ सकता है. वृद्ध व्यक्ति को समय पर खान-पान के साथ धूप में नहीं निकलना चाहिए और गर्मी से उन्हें बचाव रखना चाहिए अधिक भजन से परहेज करें. मॉर्निंग वॉक में निकलने वाले वृद्ध व्यक्ति धूप कड़ी होने के पहले घर आ जाएं.
सवाल-अभी की गर्मी किस तरह की बीमारी ग्रस्त लोगों को ज्यादा हानि पहुंचा सकती है?
जबाब- गर्मी में डिहाइड्रेशन के ज्यादा चांसेस होते हैं और डिहाईड्रेशन किडनी बीमारी से जो ग्रसित व्यक्ति हैं, उनके लिए ज्यादा खतरनाक है. उनके लिए बहुत ज्यादा हानिकारक हो सकता है. इसलिए बीमारी ग्रस्त व्यक्ति खानपान सही समय पर करे और बेवजह धूप में निकलने से बचें.
सवाल- जिनका फील्ड वर्क है उनको क्या करना चाहिए ?
जबाब- गर्मी होने के बावजूद काम करना जरूरी है ऐसे में फील्ड वर्क में जो काम कर रहे हैं, उन लोगों को भी ज्यादा बचाव जरूरी है. वे लोग हमेशा पेय पदार्थ का सेवन करते रहें, बीच-बीच में छाया देखकर रुकने का भी कोशिश करें. उन्होंने कहा कि गर्मी में भूखे और प्यासे एकदम नहीं रहे. जब भी भूख लगे तो कुछ भी खा लें.
सवाल- गर्मी में सुरक्षित रहने के लिए किस तरह से खानपान करना चाहिए?
जबाब- जब गर्मी अधिक हो तो खान-पान पर विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है. वृद्ध बच्चे या अन्य लोग भी सुबह 8 से 9 बजे तक कुछ भी आवश्यक खा ले. खाली पेट रहने पर लू लगने की संभावना बन सकती है. भूखे नहीं रहें, लेकिन बहुत अधिक भोजन भी नहीं करें. बार-बार भूख लगने पर शीतल पेय पदार्थ का सेवन ज्यादा करें. ठंडा फल का उपयोग ज्यादा करना चाहिए. रात्रि में भी तापमान अधिक है और गर्मी ज्यादा है तो बहुत ज्यादा भोजन नहीं करें. इसमें डिहाइड्रेशन की ज्यादा संभावना बन सकती है.
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