बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सोमवार (11 अगस्त, 2025) को देश पर लगाए गए भारी टैरिफ पर नागरिकों को चेताते हुए कहा कि अमेरिका भारत पर अपना आधिपत्य जमाना चाहता है. हम सशक्त देश बनकर ऊभरें ये लोगों को स्वीकार नहीं है. राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान पटना के गंगा देवी महिला महाविद्यालय में भारतीय सामाजिक विज्ञान एवं अनुसंधान परिषद् द्वारा 'जनजातियों का विउपनिवेशीकरणः उलगुलान में बिरसा मुंडा' विषय पर आयोजित सेमिनार को संबोधित कर रहे थे.

'स्वतंत्रता या कोई भी अधिकार वन टाइम एक्ट नहीं'

इस मौके पर आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि लगातार भारत को दबाव में लाने के प्रयास हो रहे हैं. उन्होंने युवाओं को सचेत करते हुए कहा कि ऐसे में अगर जरूरत पड़े, तो देश के लिए त्याग और बलिदान देने को तैयार रहें. राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता या कोई भी अधिकार वन टाइम एक्ट नहीं है. जब तक हम शाश्वत रूप से जागरूक नहीं रहेंगे, स्वतंत्रता को बचाकर नहीं रख सकेंगे. 

'खुद के लिए ही नहीं, औरों के लिए हमें जीना है'

आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, "हमें अपने आप को याद दिलाने की जरूरत है कि किसी भी कठिनाई से निकलने के लिए सबसे ज्यादा नैतिक और आत्मबल की आवश्यकता होती है. खुद के लिए ही नहीं, औरों के लिए हमें जीना है. आज जब हम संकल्प ले रहे हैं कि 2047 तक अपने स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करना चाहते हैं, तो पुरानी जमींदारी प्रथा सामने आने लगी है."

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आगे कहा, "बिरसा मुंडा ने पूरे देश में आजादी की लड़ाई को नई दिशा दी. वह जनजातीय समाज के लिए आशा की किरण थे. बिरसा मुंडा की कल्पना थी कि वो खुद नहीं, आने वाली नस्लें प्रतिष्ठा-सम्मान के साथ आजाद होकर चल सकें."

इस मौके पर दिल्ली विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के प्रो. निर्मल कुमार ने सिनेमा की दृष्टि से जनजातीय विमर्श पर बात की. वहीं पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. उपेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन होते रहना चाहिए.