बिहार के गोपालगंज जिले में प्रसिद्ध थावे दुर्गा मंदिर में हुई करोड़ों रुपये की चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. जांच के दौरान एक चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है. जिसने पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ आम लोगों को भी हैरान कर दिया है.

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दरअसल, गोपालगंज पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने लगातार 24 घंटे तक खुदाई कर जमीन के नीचे से भगवान राम और देवी सीता की दो कीमती अष्टधातु की मूर्तियां बरामद की हैं. पुलिस ने मूर्तियां बरामद कर आगे की छापेमारी फिर शुरू कर दी है.

जमीन में दबाकर छिपाया गया चोरी का सामान

जानकारी के अनुसार, यह बरामदगी टाउन थाना क्षेत्र के अरार मोहल्ले में की गई, जहां फरार मुख्य आरोपी शरीफ आलम का घर है. पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि चोरी का सामान घर के अंदर जमीन में दबाकर छिपाया गया है. इसके बाद पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया. इस दौरान मेटल डिटेक्टर की मदद ली गई, जिससे बीप की आवाज के आधार पर जमीन खोदी गई.

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मूर्तियों के अलावा मिले कई संदिग्ध सामान

खुदाई के दौरान मूर्तियों के साथ कई अन्य संदिग्ध सामान भी मिले. जिनमें साबुन, सिलाई मशीन, जूते, बिजली के एल्युमिनियम तार और कुछ गहने शामिल हैं. पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये मूर्तियां छपरा के एक मंदिर से चोरी की गई थीं और सबूत मिटाने के लिए ईंट-पत्थरों के नीचे दबा दी गई थीं.

एक ही परिवार की चार महिलाएं गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने आरोपी शरीफ आलम के परिवार की चार महिलाओं पत्नी शब्बा खातून, मां मदीना खातून और बहनों तब्बू व सब्बू को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में अहम जानकारियां मिली हैं. सभी आरोपियों का मेडिकल कराने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया जा रहा है.

पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने बताया कि जांच अभी जारी है और देवी दुर्गा के सोने के मुकुट, हार और छत्र सहित कई कीमती गहने अब भी बरामद नहीं हो सके हैं.

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