बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुई बीजेपी की हार के बाद सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. बिहार राज्य सवर्ण आयोग ने सवर्ण समाज से जुड़े मामलों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने का फैसला लिया है. इसके लिए बिहार के सभी 38 जिलों में नोडल अधिकारियों नियुक्ति की जाएगी.

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नोडल आधिकारी आर्थिक रूप से सवर्ण समाज के कमजोर वर्ग के उत्थान के लिए काम करेंगे. आयोग के इस फैसले से ईडब्ल्यूएस वर्ग में आने वाले सवर्णो को काफी मदद मिलेगी. आयोग का मानना है कि विभिन्न जिलों में सवर्ण से जुड़े जो मामले हैं उसकी शिकायत के लिए उन्हें पटना आना पड़ता है. ऐसे में नोडल अधिकारी से सीधे वह जिला में अपनी बात को रख पाएंगे और उनकी परेशानी दूर होगी.

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हालांकि सवर्ण आयोग के इस फैसले को बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी को मिली करारी हार से भी जोड़ा जा रहा है. बांकीपुर उपचुनाव में सवर्ण की नाराजगी वोट के माध्यम से दिखी थी. हालांकि सरकार इसे प्रशासनिक सुधार बता रही है.

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बता दें कि प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव में भारी बहुमत से जीत हासिल की है. ​​यह जन सुराज पार्टी की पहली चुनावी जीत थी, जो अभी अपनी राजनीतिक यात्रा के शुरुआती दौर में है. वोटों की गिनती के 32 राउंड के बाद, किशोर को 64151 वोट मिले और उन्होंने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को हराया, जिन्हें 44827 वोट मिले थे.

वहीं आरजेडी उम्मीदवार रेखा गुप्ता 14273 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं. किशोर ने यह सीट 19324 वोटों के अंतर से जीती. इस हार के बाद बीजेपी की ओर से समीक्षा करने की बात भी कही गई है.

बता दें कि बीजेपी इस सीट पर पिछले 30 सालों से काबिज थी. इस बार बीजेपी को हार मिली है जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि सर्वण समाज में नाराजगी की वजह से इस हार का सामना पार्टी को करना पड़ा है.   

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