बिहार के पूर्व डीजीपी रहे गुप्तेश्वर पांडेय ने एक बड़ा खुलासा किया है. गुरुवार (02 अप्रैल, 2026) को वे पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात कर रहे थे. ऑन कैमरा उन्होंने दावा किया कि बिहार से ही अपहरण की शुरुआत हुई है. इसके पीछे उन्होंने एक 'यादव' आईपीएस को जिम्मेदार ठहराया है.
हालांकि गुप्तेश्वर पांडेय ने उस आईपीएस अधिकारी का पूरा नाम नहीं लिया. कहा कि बेतिया में पहले डकैती होती थी. पूरे बगहा और बेतिया में डाकुओं के बड़े-बड़े गिरोह थे. दर्जनों गिरोह थे. उन्होंने उस वक्त के बेतिया के एसपी पर आरोप लगाते हुए कि उन्होंने गिरोह को बुलाकर समझौता किया था.
एसपी ने किया था अपराधियों से समझौता
पूर्व डीजीपी ने कहा कि जिस जिले में डकैती होती थी पुलिस मुख्यालय वहां के एसपी पर चढ़ जाता था कि क्यों डकैती हो रही है? रोको इसे. रोकने में वे (बेतिया के तत्कालीन एसपी) नाकाम हुए. एक तरह से उन्होंने अपराधियों से समझौता किया कि हमारे ऊपर बहुत प्रेशर है डकैती करना छोड़ दो. उस वक्त उस आईपीएस ने गिरोह को समझाया कि डकैती का अपराध बहुत बड़ा अपराध होता है.
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एसपी ने कहा था कि धीरे से पैसे वाले लोगों को पकड़ लो. पैसे लेकर छोड़ दो. वहीं से बिहार में अपहरण शुरू हुआ. गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा, "मैं ऑन रिकॉर्ड बोल रहा हूं… जाइए पुराने जितने पुलिस अफसर हैं पता कर लीजिए.
'नाम था उनका डैस डैस यादव…'
गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा, "बेतिया में एसपी थे नाम था उनका डैस डैस यादव… जो आंध्र प्रदेश के कैडर के अधिकारी थे. यहां डेप्युटेशन पर आए थे. अपहरण उन्होंने शुरू कराया. ये बिहार के इतिहास में है. ये धीरे-धीरे फैल गया." उन्होंने सीएम नीतीश कुमार का नाम लेते हुए कहा कि वे आए तो अपहरण को समाप्त कराए. एक सवाल पर गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा, "मैं उस समय नौकरी में नहीं था".
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