बिहार में 18वीं विधानसभा के लिए गुरुवार, 6 नवंबर 2025 को पहले चरण का मतदान होगा. राज्य के 18 जिलों के 121 निर्वाचन क्षेत्रों में 3 करोड़ से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. पहले चरण में 16 दिग्गजों (ये सारे मंत्री हैं) की किस्मत दांव पर है.
चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व में महागठबंधन के बीच टक्कर मानी जा रही है. एक ओर जहां एनडीए अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए मैदान में है तो वहीं महागठबंधन 20 सालों बाद सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रहा है. एनडीए में बीजेपी के साथ जनता दल यूनाइटेड, हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा, राष्ट्रीय लोक मोर्चा और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) है. तो महागठबंधन में राजद के साथ कांग्रेस, विकासशील इंसान पार्टी, वाम मोर्चा है.
जिन 121 सीटों पर पहले चरण में मतदान होना है उसमें 5 ऐसी सीटें हैं जहां महागठबंधन के दो दल आमने सामने हैं. इसमें बिहारशरीफ, राजापाकर, बछवाड़ा, वैशाली और बेलदौर शामिल है. एनडीए में सभी दल अपनी तय सीटों पर ही चुनाव लड़ रहे हैं.
ये हैं पहले चरण की हॉट सीट्स
पहले चरण में होने वाले मतदान में कुछ वीआईपी सीटें भी हैं जिसमें राघोपुर, महुआ, तारापुर, लखीसराय, मोकामा, एकमा, बक्सर शामिल हैं. पहले चरण में दो सीटें ऐसी हैं जहां सबसे ज्यादा उम्मीदवार हैं. कुढ़नी और मुजफ्फरपुर सीट से 20-20 उम्मीदवार मैदान में हैं. दोनो सीटें मुजफ्फरपुर जिले की हैं.
क्या है पुलिस की तैयारी?
पहले चरण के मतदान के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. बिहार पुलिस के महानिदेशक आईपीएस विनय कुमार ने कहा कि चुनाव के दौरान किसी तरह की हिंसा, उपद्रव या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर तत्काल प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत गिरफ्तारी होगी. उन्होंने कहा कि चुनाव समाप्त होते ही ऐसे लोगों को बॉन्ड पर रिहा किया जाएगा, लेकिन उनके खिलाफ सख्त बॉन्ड भरने की बाध्यता भी तय की जाएगी.
डीजीपी ने चेतावनी देते हुए कहा कि गुरुवार को मतदान के दौरान राज्य के चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर रहेगी. कट्टा लहराने वालों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा. उधर, अंतरराष्ट्रीय आगंतुक कार्यक्रम के तहत बिहार में सात देशों के 14 प्रतिनिधि पहले चरण में मतदान के गवाह बनेंगे.