चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी (रामविलास) ने एनडीए में सीट शेयरिंग का मामला गजब फंसा दिया है. सीटों की संख्या के साथ-साथ मनपसंद सीटों को लेकर जबरदस्त खींचतान है. सूत्रों की मानें तो 36 से 40 सीटों की जिद पर चिराग अड़ गए हैं. सबसे बड़ी बात ये है कि वे बीजेपी, जेडीयू और जीतन राम मांझी की पार्टी की सीटिंग सीटें मांग रहे हैं, जिससे टेंशन और बढ़ गई है. वैसी सीटों पर भी दावा ठोक रहे हैं जिसको सहयोगी दल अपने खाते में चाहते हैं. बातचीत में बात नहीं बन पा रही है.

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जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की सीट महनार है. चिराग पासवान यह सीट चाहते हैं, लेकिन जेडीयू देने के लिए तैयार नहीं है. मटिहानी सीट भी जेडीयू के पास है. चिराग पासवान यह सीट भी चाहते हैं, लेकिन जेडीयू तैयार नहीं है. 2020 में चिराग की पार्टी यह सीट जीती थी, लेकिन विधायक जेडीयू में शामिल हो गए थे.

राजू तिवारी के लिए चाहते हैं गोविंदगंज सीट

चकाई सीट जेडीयू चाहती है लेकिन चिराग भी इस सीट को लेना चाहते हैं. सुमित सिंह चकाई से निर्दलीय विधायक हैं. मंत्री हैं जो जेडीयू का समर्थन करते हैं उनके लिए जेडीयू यह सीट चाहती है जबकि चिराग इस सीट पर दावा ठोक रहे हैं. गोविंदगंज सीट चिराग पासवान अपनी पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी के लिए चाहते हैं. राजू तिवारी वहां से 2015 में विधायक रह चुके हैं, लेकिन इस सीट पर मौजूदा विधायक बीजेपी के हैं. 

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हुलास पांडेय के लिए चाहते हैं ब्रह्मपुर सीट

चिराग पासवान अपनी पार्टी के प्रदेश संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष हुलास पांडेय के लिए ब्रह्मपुर सीट चाहते हैं. महुआ सीट भी चिराग चाहते हैं लेकिन उपेंद्र कुशवाहा भी इसी सीट पर दावा ठोके हुए हैं. सिकंदरा सीट मांझी की पार्टी की सीटिंग सीट है. इस पर भी चिराग अपना दावा ठोक रहे हैं, लेकिन मांझी छोड़ने को तैयार नहीं हैं. जमुई, मोरवा, हायाघाट, अलौली, बोधगया, शेरघाटी, बखरी, हिसुआ सीट पर भी चिराग दावा ठोक रहे हैं.

इसी बीच आज सुबह 10 बजे से पटना में एलजेपी रामविलास के कार्यालय में एक आपात बैठक बुलाई गई है जिसकी अध्यक्षता प्रभारी एवं सांसद अरुण भारती करेंगे. विधानसभा चुनाव, मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा होगी. बड़ा फैसला भी लिया जा सकता है.