बिहार: पटना के एनएमसीएच अस्पताल में एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है. जानकारी के मुताबिक़ शेख़पुरा के रहने वाले रंजीत कुमार नाम के शख्स को बीते 3 जुलाई को कोरोना संक्रमण के कारण शेखपुरा से एनएमसीएच पटना रेफर किया गया. लेकिन भर्ती होने के तीन दिन बाद वो अस्पताल से रहस्यमय तरीके से गायब हो गए. अब इस मामले के सामने आने के बाद बिहार में सियासी खलबली मच गई है.


रहस्यमयी तरीक़े से लापता हुआ मरीज़
परिवार से मिली जानकारी के मुताबिक़ मरीज़ को पटना के एनएमसीएच के आईसीयू में भर्ती कराया गया और 5 जुलाई को बाहर निकाला गया. लेकिन बीते 6 जुलाई से ही मरीज़ अस्पताल से लापता है. घरवालों के मुताबिक़ मरीज के ग़ायब होने की जानकारी तब मिली, जब 14 जुलाई को परिवार मरीज़ से मिलने एनएमसीएच पहुंचा.


55 साल के मरीज़ की उम्र रिपोर्ट में 25 साल
रंजीत कुमार, जिनका कोरोना टेस्ट 25 जून को किया गया और 27 जून को रिपोर्ट आई, उनके उम्र को लेकर भी संशय है. बता दें कि कोविड रिपोर्ट में मरीज़ की उम्र 25 साल बताई गई है, जबकि परिवार के मुताबिक़ मरीज़ की उम्र 55 साल है. संक्रमित मरीज़ के डिटेल्स से पता चलता है एनएमसीएच में भी उनकी उम्र 55 जी जगह 25 लिखा गया है


चिराग़ पासवान ने पत्र लिख सीएम से की अपील
चिराग पासवान ने बीते 19 जुलाई को पत्र लिखकर सीएम से ग़ायब हुए मरीज़ की तलाश करने की मांग की. उन्होंने सीएम को लिखे पत्र में कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र के निवासी रंजीत कुमार 6 जुलाई से ही एनएमसीएच से गायब हैं. इस घटना की जानकारी अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीज के परिजनों को नहीं दी गई, जिसके चलते परिवार वाले बहुत परेशान हैं. मरीज की तलाश की जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए.


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