बिहार विधानसभा चुनाव (2025) में एक तरफ जहां कांग्रेस ने खराब प्रदर्शन किया तो दूसरी ओर अब पार्टी के नेताओं की नाराजगी सामने आने लगी है. बिहार महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ने सरवत जहां ने इस्तीफा दे दिया है. पार्टी से नाराज होकर उन्होंने इस्तीफा दिया है. शुक्रवार (21 नवंबर, 2025) को मीडिया से उन्होंने बातचीत में कहा कि 2025 में सिर्फ 8 प्रतिशत महिलाओं का प्रतिनिधित्व रहा, जो दुखद है.
उन्होंने कहा कि मुझे बिहार महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष बने 28 महीने हो गए. महिला कांग्रेस की जो हमारी बहन हैं, बिहार के 38 जिलों की जो महिला जिलाध्यक्ष हैं, हम सब मिलकर बूथ स्तर पर गए. महिलाओं की जो समस्या थी उसको उठाया. महिला कांग्रेस हमेशा सड़क पर रही. बहुत सारी महिलाओं को उम्मीद थी कि टिकट मिलेगा. पहली बार ऐसा हुआ कि महिला अध्यक्ष को भी टिकट नहीं मिला.
'नैतिकता और निडरता को बनाया पैमाना'
सरवत जहां फातिमा ने एक्स पोस्ट में इस्तीफा पत्र शेयर करते हुए लिखा है, "राजनीति करने के कई पैमाने हैं, लेकिन अपने 25 वर्षीय राजनीतिक सफर में, मैंने केवल नैतिकता और निडरता को अपना पैमाना बनाया है."
उन्होंने आगे लिखा, "विगत विधानसभा चुनाव के टिकट वितरण में महिलाओं को कांग्रेस पार्टी में केवल 8% प्रतिनिधित्व मिला. इसका परिणाम ये रहा की दोनों सदन में हमारी पार्टी की महिला नेतृत्व शून्य पे आ गिरी. इसके कारण अनेक हैं, लेकिन अपने पद की गरिमा और अपनी पार्टी के मूल सिद्धांत जो महिला सशक्तिकरण की ओर केंद्रित हैं, मैं इस विडंबना की नैतिक जिम्मेदारी लेना आवश्यक समझती हूं. महिला नेतृत्व की स्थिति को ले कर मेरे मन में पीड़ा भी है और आत्म-विवेचना भी और इसी मूल कारणवश मैं बिहार प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा दे रही हूं."
अंत में कहा, "मैंने अपने निजी और राजनीतिक जीवन में हमेशा आदरणीय श्रीमती सोनिया गांधी जी को अपना आदर्श माना है. उनकी नैतिकता और पद और कुर्सी के लिए उनका निर्मोही होना, मेरे लिए हमेशा उनके दृढ़ नेतृत्व का प्रतीक बना."
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