कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार (09 सितंबर, 2025) को पार्टी की बिहार इकाई के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक की. इसमें बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन में सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति पर चर्चा की गई.

बैठक में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश कुमार, प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरू, विधायक दल के नेता शकील अहमद खान, सांसद तारिक अनवर, राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव और कुछ अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए. सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति को लेकर चर्चा की गई.

छह सितंबर को पटना में हुई थी महागठबंधन की बैठक

इससे पहले, बीते छह सितंबर को पटना में महागठबंधन के नेताओं की एक अनौपचारिक बैठक राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव के सरकारी आवास पर हुई थी. इसमें सीट बंटवारे समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी और नए सहयोगियों को गठबंधन में शामिल करने पर भी विचार किया गया था.

सूत्रों के अनुसार, करीब दो घंटे चली उस बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस की राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) को महागठबंधन का घटक बनाने पर सहमति बनी थी.

'अच्छे उम्मीदवार को मौका मिलना चाहिए'

बता दें कि बिहार में नवंबर में विधानसभा चुनाव संभावित है. अलग-अलग दलों की ओर से पूरी ताकत लगा दी गई है. इस बैठक को लेकर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा, "राहुल गांधी ने आज की बैठक में हम सभी से बिहार के मुद्दों पर चर्चा की. हमने अपनी बात रखी और अपने विचार साझा किए. इस दौरान, ये बात रखी गई कि अच्छे उम्मीदवारों को चुनाव में मौका मिलना चाहिए ताकि हम अच्छा चुनाव लड़ें और सरकार बनाएं."

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