बिहार में भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार के नए मंत्रिमंडल में जातीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश साफ दिखाई दे रही है.
सम्राट सरकार में रामचंद्र प्रसाद (तेली, अति पिछड़ा), नंद किशोर राम (रविदास, दलित), श्रेयसी सिंह (राजपूत, सवर्ण), विजय कुमार सिन्हा (भूमिहार, सवर्ण), दिलीप जायसवाल (कलवार, वैश्य, पिछड़ा), रामकृपाल यादव (यादव, पिछड़ा), संजय टाइगर (राजपूत, सवर्ण), ई कुमार शैलेन्द्र (भूमिहार, सवर्ण), अरुण शंकर प्रसाद (सूड़ी, वैश्य, पिछड़ा), मिथलेश तिवारी (ब्राह्मण, सवर्ण), रमा निषाद (मल्लाह, अति पिछड़ा), केदार गुप्ता (कानू, वैश्य, अति पिछड़ा), नीतीश मिश्रा (ब्राह्मण, सवर्ण), प्रमोद चंद्रवंशी (चंद्रवंशी, अति पिछड़ा) और लखेंद्र पासवान (पासवान, दलित) को जगह दी गई है.
इसके अलावा एलजेपी (रामविलास) से संजय सिंह और संचय सिंह, HAM से संतोष सुमन तथा आरएलएम से दीपक प्रकाश कुशवाहा को भी प्रतिनिधित्व मिला है. पूरे एनडीए मंत्रिमंडल के जातीय समीकरण पर नजर डालें तो इसमें 5 ओबीसी, 4 अति पिछड़ा, 2 सवर्ण, 3 दलित और 1 अल्पसंख्यक चेहरे को जगह दी गई है. वहीं जेडीयू से आज के शपथ ग्रहण के बाद कैबिनेट में कुल 15 मंत्री होंगे.
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JDU से कितने मंत्री लेंगे शपथ?
बिहार में एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में सहयोगी दलों के बीच सीटों और जातीय समीकरण का संतुलन साधने की कोशिश दिखाई दे रही है. आज होने वाले शपथ ग्रहण में बीजेपी के 14, जेडीयू के 13, एलजेपी (रामविलास) के 2, हम के 1 और आरएलएम के 1 विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे.
इस तरह कुल 31 मंत्री आज शपथ लेंगे. इसके अलावा पहले से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बीजेपी से हैं, जबकि दो डिप्टी सीएम विजय चौधरी और विजेंद्र यादव जेडीयू कोटे से हैं. बिहार में विधायकों की संख्या के हिसाब से मुख्यमंत्री समेत कुल 36 मंत्री हो सकते हैं, ऐसे में अभी दो मंत्री पद खाली रहेंगे.
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मंत्रिमंडल में बीजेपी और जेडीयू के बीच लगभग बराबरी का प्रतिनिधित्व रखते हुए सहयोगी दलों को भी जगह दी गई है, जिससे आगामी चुनावी और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखने की रणनीति साफ नजर आ रही है.
