बिहार में शिक्षकों की ट्रांसफर-पोस्टिंग हो रही है. ट्रांसफर के लिए आवेदन भी लिए जा रहे हैं. इस बीच एक बड़ी खबर है कि पटना हाईकोर्ट ने शिक्षकों के सरप्लस (अतिरिक्त) ट्रांसफर मामले में बड़ा आदेश दिया है.
सोमवार (17 अगस्त, 2026) को सरप्लस ट्रांसफर प्रक्रिया पर फिलहाल पटना हाईकोर्ट की ओर से रोक लगा दी गई है. अब ये शिक्षक फिलहाल जिस स्कूल में कार्यरत हैं, वहीं बने रहेंगे.
जस्टिस अजीत कुमार की एकलपीठ ने एक याचिका (CWJC 12326/2026) पर सोमवार को सुनवाई की. अदालत ने अगली स्थिति स्पष्ट होने तक वर्तमान व्यवस्था बनाए रखने को कहा.
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कोर्ट को बताया गया कि सरप्लस ट्रांसफर प्रक्रिया में कई विसंगतियां हैं. दलील दी गई कि प्रक्रिया से शिक्षकों को मानसिक और व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अब हाईकोर्ट के आदेश से सरप्लस सूची और संभावित तबादलों को लेकर शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है. अब मामले की अगली सुनवाई और सरकार के जवाब पर नजर टिकी है.
शिक्षा मंत्री ने की बैठक
दूसरी ओर बीते सोमवार को शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बैठक की. विभागीय अधिकारियों को शिक्षकों के लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया है. विकास भवन स्थित मदन मोहन सभागार में यह बैठक हुई. मिथिलेश तिवारी ने कहा कि 5 सितंबर के बाद ऑफलाइन आवेदन बंद कर दिए जाएंगे. अब सभी शिक्षकों को ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर ही आवेदन देना होगा.
इस बैठक में लाइब्रेरियन की बहाली को लेकर भी चर्चा हुई. इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई का निर्देश दिया गया. बिहार शिक्षा सेवा के नवनियुक्त अधिकारियों को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) की जिम्मेदारी देने पर भी विमर्श किया गया.
इसके साथ ही प्रखंड विकास पदाधिकारियों को भी इस दायित्व के लिए प्राथमिकता देने पर विचार किया गया. समीक्षा बैठक में संस्कृत और मदरसा शिक्षकों के सात माह के बकाये वेतन के भुगतान की समीक्षा की गई. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 5 सितम्बर से पहले बकाये वेतन के भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने की दिशा में तेजी से काम किया जाए.
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