बिहार के बांका जिले में रविवार (02 अगस्त) की दोपहर बाद हुई तेज बारिश और वज्रपात ने छह परिवारों की खुशियां छीन लीं. जिले के अमरपुर, बांका, रजौन और बाराहाट थाना क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर खेतों में काम कर रहे लोगों पर गिरी आसमानी बिजली की चपेट में आने से अब तक छह लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं. घायलों में से तीन की हालत नाजुक होने पर उन्हें भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर किया गया है. अधिकांश हादसे उस समय हुए जब किसान और मजदूर खेतों में धान की रोपाई कर रहे थे.
बांका सदर थाना क्षेत्र में वज्रपात ने सबसे अधिक तबाही मचाई है, जहां कुल चार लोगों की जान चली गई. पहली मार्मिक घटना खावा गांव में सामने आई, जहां खेत में काम कर रहे ब्रह्मदेव यादव (35 वर्ष) और उनके सात वर्षीय पुत्र प्रिंस कुमार की वज्रपात से मौत हो गई. रविवार की छुट्टी होने के कारण प्रिंस अपने पिता के साथ खेत गया था.
वहीं गोलाहू गांव में धान रोपाई के दौरान विनोद यादव (35 वर्ष) की भी बिजली गिरने से मौत हो गई. इसी थाना क्षेत्र के लीलावरण गांव में धान की रोपनी के दौरान सरिता देवी भी वज्रपात की चपेट में आकर गंभीर रूप से जख्मी हो गई थीं. परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.
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अमरपुर में मजदूर की मौत, सीओ ने दिया सहायता का आश्वासन
उधर अमरपुर थाना क्षेत्र के सलेमपुर राय बहियार में धान की रोपाई कर रहे मजदूर अजय महतो की पास के एक पेड़ पर बिजली गिरने से मौत हो गई. ग्रामीण उन्हें अमरपुर रेफरल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. मृतक अपने पीछे पत्नी रीना देवी, दो बेटियों और एक बेटे को छोड़ गए हैं. सूचना पर पहुंचे अंचल अधिकारी आकाशदीप सिन्हा ने पीड़ित परिवार को सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है.
वहीं, बाराहाट थाना क्षेत्र के डफरपुर गांव में भी खेती करने गए किसान साधु ताती की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई, जिन्हें बाराहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया.
रजौन में चार लोग झुलसे, तीन की हालत गंभीर
इसके अलावा, रजौन थाना क्षेत्र में वज्रपात की चपेट में आने से चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए. झुलसने वालों में सिमरौंधा निवासी आनंद मंडल की पत्नी रीना देवी (45 वर्ष), किशन शर्मा की पत्नी कल्पना देवी (35 वर्ष), बड़ी मुरादपुर निवासी इंदेश्वरी प्रसाद सिंह की पत्नी रीता देवी (50 वर्ष) और मोरामा निवासी दिनेश प्रसाद सिंह (58 वर्ष) शामिल हैं. रजौन सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ब्रजेश कुमार ने प्राथमिक उपचार के बाद कल्पना देवी को छोड़कर अन्य तीनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया है.
परिजनों ने की मुआवजे की मांग
घटनाओं की सूचना मिलते ही संबंधित थानों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा. परिजनों ने आपदा राहत कोष से शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है, जबकि एक ही दिन में छह मौतों से पूरे बांका जिले में शोक और भय का माहौल व्याप्त है.
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