बिहार चुनाव के बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक अहम अपील करते हुए कहा कि 6 तारीख को होने वाले मतदान में हर वोटर को अपने हक और भविष्य के लिए मतदान करना चाहिए.

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बिहार के चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी ने चुनावी रैलियां की शुरुआत आज से की. ओवैसी आज गोपालगंज पहुंचे यहां से उन्होंने एमआईएम के प्रत्याशी अनस सलाम के पक्ष में वोट देने की अपील की.ओवैसी ने कहा अगर आप विकास चाहते हैं तो इस बार हमारे उम्मीदवार को कामयाब बनाइए. यही व्यक्ति यहाँ के वास्तविक मसलों को विधानसभा में उठाएगा.

'अधिकार और इज्जत भी चाहिए...'

ओवैसी ने कहा कि बिहार में अल्पसंख्यक समुदाय की आबादी करीब 17% है, लेकिन उनकी राजनीतिक हिस्सेदारी और टिकट वितरण में असमानता अब भी बरकरार है. जब 3% आबादी वाले समाज का बेटा उपमुख्यमंत्री बन सकता है, तो क्या 17% आबादी वाले समाज का बेटा मुख्यमंत्री नहीं बन सकता? उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है जब सिर्फ वोट देने से काम नहीं चलेगा,हमें वोट के साथ-साथ अधिकार और इज्जत भी चाहिए.

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ओवैसी ने कहा कि मजलिस का उम्मीदवार अनस सलाम विधानसभा में उन मुद्दों को उठाएगा जो जनता से सीधे जुड़े  हैं , जैसे विश्वविद्यालय की कमी, अस्पतालों में डॉक्टर और दवाओं की कमी, नौजवानों की बेरोजगारी, सड़क और सिंचाई की समस्याएँ, किसानों को बिजली और पानी की दिक्कते. हमारे नौजवानों को नौकरी चाहिए, किसानों को सिंचाई और बिजली चाहिए . 

ओवैसी ने कहा कि उन्होंने गठबंधन में शामिल होने की इच्छा जताई थी, लेकिन किसी ने हमें शामिल नहीं किया. अब हमने अपना गठबंधन बनाया है और अलग-अलग लड़ रहे हैं. बाकी जिम्मेदारी उनकी है.

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ओवैसी ने वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी का जिक्र करते हुए कहा, हम मुकेश को और उनके समाज को धन्यवाद देते हैं कि वो तीन फीसदी होकर भी उपमुख्मंत्री बने. उन्होंने यह पैगाम दिया है कि अगर मल्लाह का बेटा उपमुख्यमंत्री बन सकता है, तो आजम का बेटा भी मुख्यमंत्री बनेगा -  इंशाल्लाह. हालांकि तेजस्वी यादव के वक्फ बिल फाड़ने वाले बयान पर ओवैसी ने कोई टिप्पणी नहीं की.