अफरीदी-इमरान की धमकी के बाद मियांदाद ने भारत को लेकर दिया भद्दा बयान
जावेद मियांदाद ने कहा, 'हम तो तैयार बैठे हैं इन चीजों के लिए. पाकिस्तान का बच्चा-बच्चा चाहता है कि अगर उसे मौत मिले, शहादत मिले तो इस तरह की मिले. मैं भी इसके लिए तैयार हूं. इन्हें तो जैसे को तैसा वाले अंदाज में जवाब देना चाहिए. ये भारत तो बहुत डरी हुई कौम है. इनकी कोई आर्मी भी नहीं है.”
अफरीदी के अलावा पूर्व क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान ने भी भारत के खिलाफ बयान देते हुए कहा था कि 'अगर भारत ऐसा नहीं चाहता तो फिर पाकिस्तान एकजुट है और किसी भी आक्रमण के लिए अपनी सेना के साथ खड़ा रहेगा. उन्होंने मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि हर पाकिस्तानी नवाज शरीफ की तरह कायर नहीं है.'
लेकिन इसके तुरंत बाद पलटते हुए उन्होंने भारत को धमकी दे डाली, अफरीदी ने कहा, 'भारतीय ये नहीं जानते कि पाकिस्तानी सेना के आगे पठान ही खड़े होते हैं. सभी बॉर्डर्स की सुरक्षा पठान ही करते हैं.'
शाहिद अफरीदी ने पहली बार ट्वीट कर कहा था कि 'पाकिस्तान एक शांतिप्रिय मुल्क है, क्यों हम इतना बड़ा कदम उठाए जब मसले बातचीत से भी हल किए जा सकते हैं. पाकिस्तान सभी मुल्कों के साथ मैत्रीपूर्ण रिश्ते चाहता है.'
इससे पहले पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद अफरीदी और इमरान खान ने भी भारत सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बयानबाज़ी की थी.
शारजाह में चेतन शर्मा की गेंद पर आखिरी ओवर में लगाया उनका छक्का भी याद है लेकिन आज जब मियांदाद आतंकवाद की हिमायत करते दिखते हैं तो उनकी मजबूरी भी समझ आती है कि पाकिस्तान में रहते हैं. दाऊद से रिश्ता रखते हैं तो वो कैसे भारत के लिए कुछ अच्छा बोल सकते हैं.
जावेद मियांदाद के मुंह से ऐसी जहरीली बातें सुनकर हैरानी होती है क्योंकि जावेद मियांदाद पाकिस्तान ही नहीं, दुनिया के टॉप क्रिकेटरों में से रहे हैं. भारत में भी उन्होंने खूब क्रिकेट खेली है.
पीओके में घुसकर आतंकियों को तबाह करने के लिए ने पीओके में घुसकर सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक की जिसके पर पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर और दाऊद इब्राहिम के समधी जावेद मियांदाद बुरी तरह से तिलमिला गए और पीएम मोदी का नाम इतनी भद्दी की जिन्हें बताने में शर्म आ जाए.
पाकिस्तान के दिग्गज क्रिकेटर रहे जावेद मियांदाद ने पीएम मोदी और भारत के खिलाफ ज़हरीला बयान दिया है. पीओके में भारत ने आतंकियों पर सर्जिकल स्ट्राइक की तो मियांदाद पीएम मोदी पर बरस पड़े. उन्होंने इतनी अभद्र भाषा बोली कि सब कुछ सुनाया भी नहीं जा सकता.